
प्रतीक गांधी (फोटो सोर्स- IMDb)
Pratik Gandhi On Career: फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर अभिनेत्रियों के लुक और खूबसूरती को लेकर होने वाली चर्चाएं सामने आती रहती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पुरुष कलाकारों को भी उनके चेहरे-मोहरे और पर्सनैलिटी की वजह से काम मिलने या न मिलने की चुनौती का सामना करना पड़ता है? अभिनेता प्रतीक गांधी ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर का ऐसा ही अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि एक दौर में उन्हें सिर्फ इसलिए कुछ भूमिकाओं से हाथ धोना पड़ा क्योंकि वह कास्टिंग टीम को 'अमीर' या 'रिच' लुक वाले नहीं लगते थे।
प्रतीक गांधी ने 'न्यूज 18' के साथ बातचीत में अपने पुराने ऑडिशन के दिनों को याद करते हुए बताया कि टेलीविजन के लिए काम तलाशते समय उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा था। उनके मुताबिक, कई बार कलाकारों की तलाश के दौरान यह देखा जाता था कि वह किसी संपन्न परिवार से आने वाले व्यक्ति जैसे दिखाई देते हैं या नहीं।
प्रतीक के अनुसार, आज भी वह अपने साथी कलाकारों से ऐसी बातें सुनते हैं कि नए कलाकारों को काम के लिए भेजे जाने वाले संदेशों में कई बार 'रिच लुक' वाले लोगों को प्राथमिकता देने की बात होती है। हालांकि उनका कहना है कि आखिर यह 'रिच लुक' होता क्या है, इसे स्पष्ट करना मुश्किल है। उनके लिए यह सोच काफी अजीब है कि किसी किरदार के आर्थिक स्तर को सिर्फ अभिनेता की शक्ल देखकर तय किया जाए।
प्रतीक की बात सुनकर अभिनेता अरशद वारसी भी इस चर्चा में शामिल हुए। उन्होंने इस तरह की कास्टिंग सोच को बेहद अजीब बताया। अरशद ने अपने बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें यह समझना जरूरी लगता है कि हर अभिनेता की अपनी शारीरिक बनावट और स्क्रीन इमेज होती है।
अरशद ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह खुद को किसी बेहद लंबे या अलग तरह के हीरो जैसा बताने लगें, तो यह वास्तविकता से दूर होगा। उनका मानना है कि कलाकार को अपने लुक और अपनी सीमाओं को समझना चाहिए। अगर किसी भूमिका की मांग उसकी वास्तविक छवि से बिल्कुल अलग है, तो उसे निभाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने इस मुद्दे को भारत में गोरी त्वचा को लेकर मौजूद लंबे समय से चली आ रही सोच से भी जोड़कर देखा। उनके मुताबिक, कई बार फिल्मों में अमीर किरदार की कल्पना करते समय कास्टिंग करने वाले लोग लंबे कद और गोरे रंग वाले कलाकारों को उस भूमिका के लिए उपयुक्त मान लेते हैं।
तिग्मांशु का मानना है कि यह तरीका किसी कलाकार की वास्तविक प्रतिभा या अभिनय क्षमता को मापने का सही पैमाना नहीं है।
प्रतीक गांधी और अरशद वारसी इन दिनों निर्देशक तिग्मांशु धूलिया की फिल्म 'घमासान' में साथ नजर आ रहे हैं। यह क्राइम ड्रामा डकैत और पुलिस की कहानी के इर्द-गिर्द तैयार की गई है और इसमें दोनों कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई। प्रतीक गांधी की आने वाली फिल्मों में 'वो लड़की है कहां?' और 'हम हिंदुस्तानी' शामिल हैं, जबकि अरशद वारसी शाहरुख खान की फिल्म 'किंग' में नजर आएंगे।
Updated on:
23 Sept 2026 01:39 pm
Published on:
23 Sept 2026 01:39 pm
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