बॉलीवुड

तिब्बत में आए सैलाब के बीच फंसी अभिनेत्री मानसी पारेख, बोलीं- जहां 5 दिन पहले स्वागत हुआ, वो जगह पानी में समा गई

Manasi Parekh Instagram: सद्गुरु के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गईं अभिनेत्री मानसी पारेख तिब्बत के ग्यिरोंग पोर्ट पर आई भयानक बाढ़ में फंस गई हैं। अब उन्होंने खुद को लेकर अहम जानकारी दी है।
2 min read
• •
Aug 27, 2026
Manasi Parekh safe china amid flash flood hit Gyirong Port in Tibet
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं मानसी पारेख (Photo Source- Instagram/mansir_parekh)

Manasi Parekh safe in China amid flash flood: आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (ईशा फाउंडेशन) के साथ कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर गईं अभिनेत्री मानसी पारेख तिब्बत और नेपाल सीमा पर आई बाढ़ में बाल-बाल बची हैं। तिब्बत के ग्यिरोंग बंदरगाह (पोर्ट) इलाके में जल-त्रासदी और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। मानसी पारेख और उनका दल गुरुवार की सुबह ठीक उसी जगह मौजूद होने वाला था, जहां कुदरत ने कुछ ही घंटे पहले अपना भयावह रूप दिखाया है।

मानसी पारेख ने किया पोस्ट शेयर

मानसी पारेख ने किया बाढ़ का वीडियो शेयर

टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री और नेशनल अवॉर्ड विजेता मानसी मानसी पारेख ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ग्यिरोंग पोर्ट पर आई तबाही के दिल दहला देने वाले वीडियो शेयर किए हैं। वीडियो में बाढ़ के मलबे और पानी के भयानक तेज बहाव को साफ देखा जा सकता है, जिसने नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों को तहस-नहस कर दिया है।

तबाही के वीडियो शेयर करते हुए मानसी ने बेहद भावुक पोस्ट में लिखा, "यही सब कुछ हुआ है। हमें गुरुवार की सुबह ठीक इसी जगह पर होना था, लेकिन समय रहते हम बच गए। महज पांच दिन पहले इसी जगह पर मेरा इतने प्यार और गर्मजोशी से स्वागत किया गया था, और अब यह पूरी की पूरी जगह पानी में डूब चुकी है। जिंदगी कितनी अनिश्चित है, लेकिन जो हुआ वह बेहद दर्दनाक है।"

मानसी ने आगे बताया कि ईश्वर की कृपा से वह और सद्गुरु का दल चीन के एक होटल में सुरक्षित हैं। ईशा फाउंडेशन की टीम उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने के साथ-साथ बाढ़ में फंसे लोगों को ढूंढने में जुटी हुई है।

भूकंप और हिमस्खलन से फटी नदी

बुधवार को आई इस अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने नेपाल के रसुवा जिले और तिब्बत के ग्यिरोंग क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में दर्जनों घर, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं पूरी तरह तबाह हो गई हैं। ग्यिरोंग पोर्ट पर सड़कें और बिजली-संचार व्यवस्था ठप हो चुकी हैं।

शुरुआती रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया था कि 4.4 तीव्रता के भूकंप के कारण यह आपदा आई होगी। हालांकि, एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि हिम-चट्टान हिमस्खलन या भूस्खलन ने लेंडे नदी को ब्लॉक कर दिया था, जिससे पानी और मलबे का एक विशाल प्रवाह नीचे की तरह बहने से पहले एक अस्थायी अवरोध पैदा हो गया था। वहीं, घटनाक्रम की सटीक जांच जारी है।

भारत की ओर से मदद

इस त्रासदी ने राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के बीच व्यापक चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और देश को हर संभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया। भारतीय टीमें बचाव और राहत कार्यों में नेपाली अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही हैं।

भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता भेजना शुरू कर दिया है। स्मृति ईरानी ने भी सोशल मीडिया पर इस त्रासदी पर अपना दुख और प्रभावित लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की। फिलहाल मानसी पारेख और उनकी यात्रा में शामिल अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर ईशा फाउंडेशन की ओर से लगातार कोशिशें जारी हैं।

Updated on:
27 Aug 2026 10:24 am
Published on:
27 Aug 2026 10:14 am
Also Read
View All