
Pakistani Cricketer Umar Akmal On Nana Patekar Death: भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का शोक सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमा पार पाकिस्तान में भी उनके प्रशंसक और हस्तियां सदमे में हैं। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट से हुए उनके निधन के बाद दुनिया भर से शोक संवेदनाएं आ रही हैं। ऐस में पाकिस्तान के जाने-माने क्रिकेटर उमर अकमल (Umar Akmal) ने भी नाना पाटेकर को याद करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर किया है।
पाकिस्तान के पूर्ल विस्फोटक बल्लेबाज रहे उमर अकमल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर नाना पाटेकर की एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, "उनका काम हो गया है, लेकिन उनका असर आने वाली कई पीढ़ियों तक रहेगा। सर, आप हमेशा याद किए जाएंगे।"
अपने इस संदेश के साथ उमर अकमल ने रोने और टूटे हुए दिल वाले इमोजी शेयर कर अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की है। भारतीय सिनेमा के लिए सरहद पार के क्रिकेटरों और प्रशंसकों का यह जुड़ाव दिखाता है कि नाना की अदाकारी ने सारी सीमाओं को पीछे छोड़ दिया था।
बता दें, गुरुवार तड़के गोवा स्थित आवास पर अचानक सीने में दर्द के बाद नाना पाटेकर बेहोश हो गए थे। मणिपाल अस्पताल में डॉक्टरों ने लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गुरुवार शाम उनके पार्थिव शरीर को विशेष विमान और सड़क मार्ग के जरिए पुणे के खड़कवासला के पास स्थित डोंजे (Donje) गांव लाया गया। मराठी थिएटर और भारतीय सिनेमा में उनके पांच दशकों के अतुलनीय योगदान को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान (State Honours) के साथ अंतिम विदाई दी गई।
अंतिम संस्कार में राजनीति और सिनेमा जगत की तमाम नामचीन हस्तियां पहुंचीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अभिनेता जैकी श्रॉफ समेत कई वरिष्ठ दिग्गजों ने 'नानाची वाड़ी' पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर बेहद गमगीन नजर आए। अंतिम विदाई के वक्त अपने चहेते अभिनेता की एक झलक पाने के लिए डोंजे गांव में हजारों की संख्या में प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा।
दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर ने 'क्रांतिवीर', 'परिंदा', 'तिरंगा', 'अग्नि साक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'अबतक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी कालजयी फिल्मों में शानदार अभिनेय किया। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से नवाजा गया, जबकि कला क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था।