बॉलीवुड

‘मैं पागल दिखती हूं जो करवा चौथ का व्रत रखूंगी’, Naseeruddin Shah की पत्नी Ratna Pathak ने क्यों कही ये बात?

अपने बड़े बयानों के लिए पहचाने जाने वाले नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) की पत्नी और एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह (Ratna Pathak Shah) ने हाल में अपने एक इंटरव्यू के दौरान हिंदू पर्व करवाचौथ को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसके बाद वो लोगों के निशाने पर आ गई हैं.

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Jul 30, 2022
Ratna Pathak On Karva Chauth

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) अक्सर ही अपने बेबाक बयानों को लेकर लोगों के बीच छाए रहते हैं. उन्होंने कई बार ऐसे बयान भी दिए हैं, जिसको लेकर उनका काफी ट्रोल भी किया गया, लेकिन इस बाक कुछ अलग हुआ है. इस बाद नसीरुद्दीन शाह नहीं बल्कि उनकी पत्नी और एक्ट्रेस पत्नी रत्ना पाठक (Ratna Pathak Shah) अपने बयानों को लेकर चर्चा में आ गई हैं. हाल में रत्ना पाठक ने एक इंटरव्यू के दौरान कई बड़े मुद्दों पर बात करते हुए अपनी राय रखी.

साथ ही उन्होंने हिंदूओं के पर्व करवाचौथ और ज्योतिषी-विद्या पर भी बात की. इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने कहा कि 'महिलाओं के लिए कुछ भी नहीं बदला या कुछ एरियाज में बहुत छोटा बदलाव आया है'. साथ ही उन्होंने कहा कि 'हमारा समाज बहुत रूढ़िवादी होता जा रहा है. हम अंधविश्वासी होते जा रहे हैं. हमको धर्म को जीवन का अहम हिस्सा बनाने के लिए जबरन बाध्य किया जा रहा है'. रत्ना आगे कहती हैं कि 'मुझसे आज तक किसी ने नहीं पूछा, लेकिन पिछले साल किसी ने पहली बार मुझसे पूछा कि क्या मैंने करवाचौथ का व्रत रखा है? मैंने कहा कि क्या मैं पागल हूं? जो ऐसा करूँगी?'.

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रत्ना इस बारे में बात करते हुए आगे कहती हैं कि 'क्या ये डरावना नहीं है कि मॉडर्न पढ़ी-लिखी महिलाएं अपने पति की जिंदगी के लिए करवाचौथ का व्रत रहती हैं ताकि जिंदगी को कुछ वैलिडटी मिल सके. भारत में विधवा होना भयानक स्थिति माना जाता है. 21वीं सदी में हम इस तरह की बात कर कर रहे हैं? पढ़ी-लिखी महिलाएं ऐसा कर रही हैं'. इसके साथ ही रत्ना पाठक ने ज्योतिषी-विद्या पर बात करते हुए आगे कहा कि 'हम रूढ़िवादी होते जा रहे हैं. कुंडली दिखोओ, वास्तु कराओ, अपने ज्योतिषी को दिखाओ ये सब आधुनिक समाज की निशानी नहीं है. समाज रूढ़िवादी होने पर सबसे पहले औरतों पर शिकंजा कसता है'.


रत्ना पाठक आगे कहती हैं कि 'लोग अब अंधविश्वासी होते जा रहे हैं. उन्हें धर्म को स्वीकार कर उसे अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है'. साथ ही रत्ना पाठक आगे कहती हैं कि 'सऊदी अरब में औरतों के लिए क्या स्कोप है? क्या हम सऊदी अरब जैसा देश बनना चाहते हैं? और हम उनके जैसे बन भी जाएंगे क्योंकि ये बहुत ही सुविधाजनक है. औरतें घर में बहुत सारा काम करती हैं, जिसके लिए उन्हें कोई पैसा नहीं मिलता. अगर आपको उनके काम के लिए पैसे देने हों, तो कौन करेगा? औरतों को उस परिस्थिति में धकेला जाता है'.

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Published on:
30 Jul 2022 10:23 am
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