
Shraddha Kapoor Eetha Title Controversy: स्त्री एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'ईथा' को लेकर चल रही बहस ने एक नया मोड़ ले लिया है। जहां टीजर में मशहूर लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर के रूप में श्रद्धा के ट्रांसफॉर्मेशन ने लोगों को प्रभावित किया, वहीं फिल्म का टाइटल चर्चा का विषय बन गया। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) ने फिल्म के मेकर्स के 'ईथा' नाम चुनने पर विरोध जताते हुए सवाल उठाए, जबकि बायोपिक का नाम विठाबाई के नाम पर रखा जा सकता था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ये भी कहा गया था कि दिवंगत कलाकार के फॅमिली मेंबर्स भी टाइटल के नाम को लेकर आपत्ति जाता रहे थे। लेकिन अब, विठाबाई की सबसे बड़ी बेटी मंगला बनसोडे करावडीकर ने इस विवाद पर बात की है और परिवार की ओर से बड़ा बयान दिया है।
विठाबाई नारायणगांवकर की बेटी मंगला बनसोडे करावडीकर ने अब श्रद्धा कपूर की आने वाली फिल्म 'ईथा' के टाइटल से जुड़े विवाद पर बात की है। उनका ये बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि विठाबाई नारायणगांवकर के बेटे, कैलाश और राजेश नारायणगांवकर, और पोते मोहित नारायणगांवकर, मेकर्स द्वारा चुने गए टाइटल से खुश नहीं थे।
75 वर्षीय मंगला, जो विठाबाई की सबसे बड़ी बेटी और एक जानी-मानी तमाशा कलाकार होने के साथ-साथ राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता हैं भी हैं, का कहना है कि हमारे परिवार को टाइटल से कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 'ईथा' वो नाम था जिससे गांव के लोग उनकी मां को प्यार से बुलाते थे। वो जिस भी गांव में परफॉर्म करने जाती थीं लोग उनके लिए इस नाम का इस्तेमाल करते थे।
TOI से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'हमें फिल्म के टाइटल से कोई आपत्ति नहीं है। मैंने मोहित से बात की है और उनसे अनुरोध किया है कि वो इस बारे में और कोई बयान न दें। टाइटल सही है क्योंकि उन दिनों, जिन गांवों में मेरी मां परफॉर्म करती थीं, वहां के लोग अक्सर उन्हें 'ईथा' कहकर बुलाते थे।"
इसके साथ ही मंगला ने बताया कि उन्होंने डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर से इस बारे में तब बात की थी जब वो फिल्म के लिए विठाबाई के जीवन पर रिसर्च करते हुए परिवार से मिल रहे थे। “मैं सात साल की उम्र से ही स्टेज पर परफॉर्म कर रही हूं और मैंने लोगों को अपनी मां को उस नाम से बुलाते हुए सुना है। हमें खुशी है कि इस फ़िल्म के जरिये लोग मेरी मां के बारे में जान पाएंगे और उनको ये भी पता चलेगा कि वो अपने काम और कला के प्रति कितनी समर्पित थीं।”
जानकारी के लिए बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब TV9 मराठी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के फिल्म और कल्चरल डिपार्टमेंट ने फिल्म का नाम 'ईथा' (Eetha) रखने पर आपत्ति जताई है। पार्टी का मानना था कि ये फिल्म मशहूर लावनी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की कहानी पर आधारित है, इसलिए इसका नाम उन्हीं के नाम पर रखा जाना चाहिए था। NCP के फिल्म और कल्चरल डिपार्टमेंट के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष बाबासाहेब पाटिल ने कहा कि विठाबाई की विरासत को सहेजना और उसका सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि मेकर्स ने फिल्म का नाम 'विठा' या 'विठाबाई' क्यों नहीं रखा, उनका कहना था कि टाइटल में लावनी और तमाशा में उनके अहम योगदान की झलक मिलनी चाहिए।
विठाबाई नारायणगांवकर महाराष्ट्र की सबसे पसंदीदा और सम्मानित लावनी और तमाशा कलाकारों में से एक थीं। स्टेज पर अपनी जबरदस्त मौजूदगी और बेमिसाल परफॉर्मेंस के लिए मशहूर विठाबाई हर घर में जानी-पहचानी हस्ती बन गई थीं और उन्होंने राज्य की लोक कला की दुनिया पर गहरी छाप छोड़ी। उनके काम ने कई कलाकारों को प्रेरित किया जिन्होंने उनके नक्शेकदम पर चलना शुरू किया।
भारतीय लोक कलाओं में उनके योगदान के लिए उन्हें 1957 और फिर 1990 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया था। लेकिन वाह-वाही के पीछे एक ऐसी जिंदगी भी थी जो हमेशा आसान नहीं रही। इतनी ज्यादा लोकप्रियता के बावजूद, कहा जाता है कि विठाबाई को अपने बुढ़ापे में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। आज, लावनी और तमाशा के लिए उनका जुनून उनके परिवार के ज़रिए ज़िंदा है; उनके कई बच्चे और दामाद इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी 'ईथा' को दिनेश विजन ने अपने मैडॉक फिल्म्स बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म में श्रद्धा कपूर के साथ रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। बता दें कि फिल्म 28 अगस्त को रक्षाबंधन वीकेंड पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी।