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रेखा के बारे में अब 90% लोग नहीं जानते ये बात…वो मशहूर एक्टर जिसने कर ली एक्ट्रेस संग चुपके से शादी

Vinod Mehra-Rekha Love Story: मशहूर अभिनेत्री रेखा की पर्सनल लाइफ खूब सुर्खियों में रही। बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से लेकर अमिताभ जैसे स्टार के साथ उनका नाम जोड़ा गया, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने चुपके से शादी कर ली थी… आइए आपको उस, एक्टर का नाम बताते हैं।

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Feb 13, 2026
पुरानी फोटो में रेखा। (फोटो सोर्स: एक्स)

Vinod Mehra Birth Anniversary: रेखा के बारे में तो आप लोग बहुत कुछ जानते हैं… लेकिन आपको पता है, उन्होंने एक बार चुपके से शादी कर ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशहूर अभिनेता विनोद मेहरा संग उन्होंने शादी रचा ली थी। 13 फरवरी 1945 को अमृतसर में जन्मे विनोद मेहरा की पर्सनल लाइफ भी सुर्खियों में रही।

बता दें अभिनेता ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनकी मीना ब्रोका, बिंदिया गोस्वामी और किरण मेहरा तीन पत्नी थीं, और चौथी शादी अभिनेत्री रेखा से करने की अफवाह है। हालांकि, इस खबर का रेखा ने एक इंटरव्यू में खंडन किया था।

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फोटो में विनोद मेहरा और रेखा

हालांकि, यासिर उस्मान की किताब 'रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी' में उनकी शादी के बारे में जानकारी मिलती है। फिल्म 'ऐलान' की शूटिंग के दौरान रेखा और विनोद मेहरा के बीच आकर्षण बढ़ने लगा। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और 1970 के दशक में उन्होंने चुपके से शादी कर ली। यह शादी कोलकाता में हुई थी। शादी के बाद विनोद मेहरा रेखा को बॉम्बे अपने घर ले गए, लेकिन परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। घरवालों के विरोध के कारण यह रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चल सका और दोनों अलग हो गए। फिर भी, दोनों के बीच का यह प्रेम और शादी का राज लंबे समय तक चर्चा में रहा। हालांकि, यह रिश्ता कभी ऑफिशियल नहीं हुआ।

विनोद मेहरा का फिल्मी सफर

विनोद मेहरा हिंदी सिनेमा के उन अभिनेताओं में शामिल थे, जिन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के अपनी सादगी और भावुक अभिनय से दर्शकों के दिल जीत लिए। 13 फरवरी 1945 को अमृतसर में जन्मे विनोद ने साल 1958 में फिल्म रागिनी से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की। बाद में 1971 में आई फिल्म एक थी रीता से उन्होंने बतौर हीरो डेब्यू किया, जो सुपरहिट रही।

60 और 70 के दशक में जब बड़े सितारे छाए हुए थे, विनोद मेहरा अपनी शांत, सौम्य और चॉकलेटी इमेज के कारण अलग नजर आते थे। उनकी आंखों की गहराई, हल्की मुस्कान और स्वाभाविक अभिनय उन्हें खास बनाते थे। वह किरदारों को जीते थे, दिखावा नहीं करते थे।

उन्होंने अनुराग, अमर प्रेम, घर, बेमिसाल, लाल पत्थर जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। रोमांटिक और भावुक भूमिकाओं में उनकी पकड़ मजबूत थी। उन्होंने गुरुदेव फिल्म का निर्देशन भी किया, लेकिन 45 साल की उम्र में 1990 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनकी आखिरी फिल्म गुरुदेव 1993 में रिलीज हुई।

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