
R Madhavan On Sanghi Remark: बॉलीवुड अभिनेता आर माधवन इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'GDN' को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर मिलने वाली आलोचनाओं, 'संघी' कहकर ट्रोल किए जाने और अपनी फिल्मों 'धुरंधर' तथा 'रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट' को लेकर उठे विवादों पर खुलकर बात की। अभिनेता ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थक नहीं हैं, बल्कि बचपन से उन्हें अपने देश से प्रेम करना सिखाया गया है। उनके मुताबिक भारत की सकारात्मक बातों को आगे बढ़ाना कोई अपराध नहीं हो सकता।
'गलाटा इंडिया' के साथ इंटरव्यू के दौरान आर माधवन से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर उन्हें 'संघी' कहकर ट्रोल किया जाता है, ऐसे में वो इसे कैसे देखते हैं। इस पर अभिनेता ने कहा कि इंटरनेट की दुनिया में यह समझना मुश्किल नहीं होता कि कौन अपनी असली राय दे रहा है और कौन सिर्फ एजेंडा चलाने के लिए सक्रिय है। उन्होंने कहा कि हर इंसान अपने संस्कारों और परवरिश का नतीजा होता है और उन्हें बचपन से अपने देश पर गर्व करना सिखाया गया है।
माधवन ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक पार्टी या उसके नेताओं के खिलाफ या पक्ष में प्रचार करने वाला कोई संदेश साझा नहीं किया। उनका मानना है कि अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधि देश के लिए अच्छा काम करता है तो उसकी सराहना करना गलत नहीं है। अभिनेता ने कहा कि ट्रोल्स की टिप्पणियां वह पढ़ते जरूर हैं, लेकिन उनसे उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ता। अगर कोई उन्हें देश के प्रति सकारात्मक सोच रखने के लिए गलत साबित करने की कोशिश करता है, तो वह उसकी मंशा पर सवाल उठाते हैं।
हाल के समय में माधवन की फिल्म 'धुरंधर' को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रही। कुछ लोगों ने फिल्म को प्रोपेगेंडा और सरकार समर्थक बताया। इस पर अभिनेता ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि आखिर इस तरह का निष्कर्ष कैसे निकाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित है और उसमें दिखाया गया है कि वहां की घटनाओं का भारत पर क्या प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इसे सिर्फ प्रोपेगेंडा कह देना उचित नहीं है। माधवन का मानना है कि किसी कहानी को उसकी वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करना ही एक अभिनेता की जिम्मेदारी होती है।
माधवन ने अपनी चर्चित फिल्म 'रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस फिल्म में पूर्व इसरो वैज्ञानिक नांबी नारायणन के जीवन को वास्तविक रूप में दिखाया गया था। अगर कोई व्यक्ति मंदिर जाता है तो उसे उसी रूप में दिखाना कहानी की सच्चाई का हिस्सा है।
उन्होंने आगे कहा कि उनकी नई फिल्म 'GDN' भारतीय वैज्ञानिक और उद्योगपति जी.डी. नायडू के जीवन पर आधारित है। अगर किसी किरदार की सोच अलग है, जैसे वो नास्तिक है, तो उसे भी वैसा ही दिखाया जाएगा। एक अभिनेता का काम पात्र को ईमानदारी से निभाना होता है, न कि अपनी निजी विचारधारा को उस पर थोपना।
आर. माधवन ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत सोच सिर्फ इतनी है कि भारत की अच्छी उपलब्धियों और प्रेरणादायक कहानियों को दुनिया के सामने लाया जाए। उनके अनुसार देश की सकारात्मक छवि को मजबूत करने की कोशिश करना किसी भी तरह से गलत नहीं कहा जा सकता।
वर्कफ्रंट की बात करें तो आर. माधवन जल्द ही फिल्म 'GDN' में नजर आएंगे। यह फिल्म भारत के महान आविष्कारक जी.डी. नायडू के जीवन पर आधारित है, जिन्हें 'भारत का एडिसन' भी कहा जाता है। फिल्म में सत्यराज, प्रियमणि, जयराम, दुशारा विजयन, विनय राय और योगी बाबू भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।