Bollywood Actor: कपूर खानदान को वो बेटा जिसे रेड लाइट एरिया जाने का शोक पड़ गया था। उनकी इस आदत से उनके पिता भी परेशान हो गए थे और उन्होंने अपने दोस्त से मदद मांगी थी। आइये जानते हैं आखिर कौन है वो सुपरस्टार जो कम उम्र में जाता था रेड लाइट एरिया...
Bollywood Actor Raj Kapoor: बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर और उनका परिवार हमेशा से ही चर्चा में रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा था जब खुद राज कपूर को रेड लाइट एरिया जाने की आदत हो गई थी। उनकी इस आदत से उनके पिता पृथ्वीराज कपूर बेहद परेशान हो गए थे उन्हें समझ नहीं आता था कि वह कैसे बेटे को गलत रास्ते जाने से रोके। इस बात का खुलासा महान फिल्ममेकर केदार शर्मा ने अपनी एक पुरानी बातचीत में किया था। उन्होंन ये भी बताया था कि फिर कैसे पृथ्वीराज कपूर बेटे को सही रास्ते पर लेकर आए।
1999 में अपनी मृत्यु से कुछ महीने पहले, शशि रंजन ने अपनी इंटरव्यू सीरीज 'एक मुलाकात' के लिए केदार शर्मा से संपर्क किया था, जिसमें उन्होंने भुला दिए गए महान लोगों के जीवन के बारे में बात की थी। केदार शर्मा ने इस दौरान एक बड़ा राज खोला था। उन्होंने बताया, "पृथ्वी मेरा बहुत सम्मान करता था। मैंने देखा कि एक दिन वह बहुत उदास था, लगभग वह रो रहा था। एक दोस्त होने के नाते मैंने उससे हाथ जोड़कर कहा कि मुझे नहीं पता कि समस्या क्या है? लेकिन अगर मैं उसकी मदद कर सकता हूं, तो कृपया मुझे बताएं। उन्होंने तब बताया कि राज अपनी कम उम्र में ही गलत रास्ते पर जा रहे हैं। पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय, वह अक्सर रेड लाइट एरिया में जाते हैं और महिलाओं से मिलते हैं। तब मैंने उससे कहा कि अब और चिंता मत करो, मैं उसे वापस सही रास्ते पर लाऊंगा।"
केदार शर्मा ने बताया, "राज कपूर को सही रास्ते पर लाने की जिम्मेदारी मैंने ले ली और मैंने सबसे निचले पायदान से इस काम को शुरू करने का फैसला किया। मैंने उस समय राज कपूर को बतौर असिस्टेंट काम पर रख लिया। जब भी मैं राज से पूछता कि क्या वह तैयार हैं, तो वह कहते, 'हां, अंकल, मैं तैयार हूं।' फिर वह कैमरे के लेंस में देखते और अपने बालों में कंघी करते। आखिर उन्हें ताली बजाने के लिए अपने बालों को ठीक करने की क्या जरूरत थी? मैंने कुछ नहीं कहा, आखिरकार वह एक बच्चे ही तो थे। एक दिन, हम लोकेशन पर शूटिंग कर रहे थे। उन दिनों रियर प्रोजेक्शन तकनीक नहीं थी। हमें असल में बैकग्राउंड शूट करना पड़ता था। मैंने उन्हें बुलाया और उन्होंने कहा, 'हां, अंकल, मैं आपका बच्चा हूं, मुझे बताइए।' मैंने उससे कहा कि कैमरे में देखते हुए तुम्हे अपने बाल ठीक नहीं करने चाहिए, यह अपमानजनक है।"
केदार शर्मा ने आगे बताया, 'मेरी चेतावनी के बावजूद, राज ने फिर ऐसा ही किया। मुझे बहुत गुस्सा आया। मैंने उसे फिर से बुलाया और उसके चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। उसके चेहरे पर एक निशान बन गया। मैं उस रात सो नहीं सका, अगली सुबह जब राज मुझसे मिलने आया तो उसके चेहरे पर निशान अभी भी दिखाई दे रहा था। मुझे एहसास हुआ कि ये लड़का कैमरे का सामना करना चाहता है और एक एक्टर बनना चाहता है, लेकिन मैं उसे निर्देशक बनाने की कोशिश कर रहा हूं तब मैंने उसे साइनिंग अमाउंट के तौर पर 5,000 रुपये और नील कमल के लिए 25,000 रुपये दिए।"
यह घटना बताती है कि कैसे एक सख्त सबक ने एक भटके हुए युवा को हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा सितारा बना दिया था। आज राज कपूर को हिंदी सिनेमा के महानतम कलाकारों में से एक माना जाता है, जिन्होंने अपनी फिल्मों से पूरी दुनिया में नाम कमाया।