
Ram Gopal Varma On NEET and AI: नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली, पेपर लीक और व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कुछ संगठनों ने कई दिनों तक उग्र विरोध प्रदर्शन किया था। जंतर-मंतर पर हुए इस आंदोलन और चौतरफा दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब यह आंदोलन खत्म हो चुका है। लेकिन बॉलीवुड सितारे अब भी इस मामले पर रिएक्शन सामने आ रहे हैं। इसी को लेकर अब जाने-माने फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma - RGV) ने एक बेहद चौंकाने वाला और तीखा बयान दिया है। आरजीवी का मानना है कि छात्रों के सामने असली चुनौती मेडिकल या इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम नहीं, बल्कि तेजी से पैर पसार रहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI है।
राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबे और कड़े शब्दों वाला पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इसमें दावा किया कि पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेमतलब हो चुकी है। नीट विवाद, रद्द हुई परीक्षाओं और तनाव के कारण छात्रों द्वारा उठाए जाने वाले आत्मघाती कदमों पर भी राम गोपाल वर्मा ने चिंता जताई है। लेकिन जोर देकर कहा कि ये समस्याएं उस विनाशकारी बदलाव के सामने कुछ भी नहीं हैं जो AI लाने वाला है। आरजीवी ने अपने पोस्ट में लिखा, "NEET असली मुद्दा नहीं है, असली मुद्दा AI है। नीट लीक और परीक्षाएं रद्द होने से सिस्टम को चोट पहुंच सकती है, लेकिन AI सिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचाता- यह उसका गला काट देता है। आज का एजुकेशन सिस्टम उस दौर का है जब ज्ञान सीमित था, लेकिन आज तय ज्ञान पुराना हो चुका है।"
फिल्ममेकर ने छात्रों और अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग, मेडिसिन, लॉ, चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA), MBA और आर्किटेक्चर जैसे पारंपरिक प्रोफेशनल प्रोग्राम करने वाले छात्र सीधे "AI स्लॉटरहाउस" यानी कसाईखाने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ये छात्र ग्रेजुएट होंगे, तब तक उनकी डिग्रियों की कोई वैल्यू नहीं रह जाएगी, क्योंकि AI सिस्टम उन नौकरियों पर पूरी तरह कब्जा कर लेंगे। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने क्लासरूम, सिलेबस और प्रवेश परीक्षाओं की तुलना एक ऐसे घर से की जिसमें आग लगी हो और लोग बहस कर रहे हों कि कुर्सियां कहां रखी जाएं।
आरजीवी के अनुसार, AI का सही इस्तेमाल करने वाला एक अकेला इंसान डॉक्टरों, वकीलों, अकाउंटेंट्स और कोडर्स की पूरी टीम से बेहतर और तेज काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता केवल रैंक और डिग्री से बच्चे का भविष्य तय कर रहे हैं, वह उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। आने वाले समय में केवल वही टिक पाएंगे जो AI के साथ खुद को ढालना सीखेंगे।