
Ashoke Pandit On Don 3 Controversy: बॉलीवुड की मच अवेटेड फिल्म 'डॉन 3' इन दिनों अपनी स्टारकास्ट से ज्यादा विवादों की वजह से सुर्खियों में है। रणवीर सिंह के कथित तौर पर फिल्म से अलग होने की खबरों ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अब इस पूरे मामले पर भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ (IFTDA) के अध्यक्ष और FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने कई बड़े खुलासे किए हैं।
अशोक पंडित के मुताबिक, मामला सिर्फ एक अभिनेता के फिल्म छोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये पूरे फिल्म इंडस्ट्री में प्रोफेशनल कमिटमेंट और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म के निर्माताओं ने उनके पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी और बताया था कि प्रोजेक्ट पर पहले ही करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
बताया जा रहा है कि फिल्म की प्री-प्रोडक्शन प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी। कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग पूरी हो चुकी थी, शूटिंग शेड्यूल तय हो चुका था, होटल बुकिंग और यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं भी लगभग अंतिम फेज में थीं। ऐसे में अचानक किसी मेन एक्टर के प्रोजेक्ट से हटने से निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी बताया कि फिल्म पर 45 करोड़ की राशि पहले से ही लग चुकी थी।
अशोक पंडित ने ये भी कहा कि किसी भी शिकायत पर फैसला लेने से पहले दोनों पक्षों को सुनना संगठन की नीति होती है। इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्ष को कई बार लेटर भेजे गए, लेकिन कथित तौर पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर संगठन ने अपना रुख तय किया। उन्होंने ये भी बताया कि इस मामले में व्हाट्सएप चैट पढ़ी गई जो रणवीर सिंह, फरहान अख्तर और रितेश सिदवानी के बीच की थी।
हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि रणवीर सिंह पर किसी प्रकार का 'बैन' नहीं लगाया गया है। उनके अनुसार, मीडिया में इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश किया गया। FWICE ने केवल "नॉन-कोऑपरेशन" यानी असहयोग की घोषणा की थी, जो कानूनी प्रतिबंध या बैन से पूरी तरह अलग है।