Rishi Kapoor: दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने परिवार का वो राज खोला था जिसने हर किसी को चौंका दिया था। उन्होंने बेबाकी से अपनी किताब में बताया था कि पिता राज कपूर के अफेयर्स की वजह से उन्हें और उनकी मां को महीनों तक होटल और किराए के घर में रहना पड़ा था।
Rishi Kapoor Death Anniversary: भारतीय सिनेमा के 'सदाबहार रोमांटिक हीरो' रहे ऋषि कपूर को दुनिया से गए आज पूरे छह साल बीत चुके हैं। 30 अप्रैल 2020 को ल्यूकेमिया कैंसर से लंबी जंग लड़ने के बाद उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था। आज उनकी छठी पुण्यतिथि पर जहां फैंस और परिवार उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं, वहीं उनकी बेबाकी के कुछ पुराने किस्से भी फिर चर्चा में आ गए हैं।
ऋषि कपूर अपनी अदाकारी के साथ-साथ अपनी गुस्से के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने अपनी किताब 'खुल्लम खुल्ला' जो 2017 में प्रकाशित हुई थी उसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के उन अंधेरे कोनों से भी पर्दा उठाया था, जिसे अक्सर फिल्मी परिवार छिपाकर रखते हैं। इस किताब में उन्होंने अपने पिता, महान शोमैन राज कपूर के अफेयर और उससे उनके परिवार पर पड़े असर के बारे में बड़ी बेबाकी से लिखा था।
ऋषि कपूर ने अपनी किताब में उस दौर का जिक्र किया जब राज कपूर का नाम उस समय की मशहूर अभिनेत्रियों के साथ जुड़ रहा था। ऋषि ने लिखा था, "मेरे पिता, राज कपूर, उस समय 28 साल के थे और उन्हें चार साल पहले ही 'हिंदी सिनेमा का शोमैन' कहा जाने लगा था। वह एक ऐसे इंसान भी थे जो प्यार में थे- उस समय, बदकिस्मती से वह मेरी मां नहीं कोई और थी। उनकी गर्लफ्रेंड उस दौर की उनकी कुछ सबसे बड़ी हिट फिल्मों की लीड एक्ट्रेस थीं।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा अभिनेत्री वैजयंतीमाला को लेकर था। ऋषि कपूर ने बताया था कि जब उनके पिता और वैजयंतीमाला के बीच नजदीकियां बढ़ीं, तो उनकी मां कृष्णा राज कपूर ने स्टैंड लेने का फैसला किया। ऋषि कपूर ने लिखा, "मुझे आज भी याद है कि जब पापा वैजयंतीमाला के साथ घूमने गए थे, तब मैं अपनी मां के साथ घर छोड़कर मरीन ड्राइव के नटराज होटल में रहने चला गया था। मेरे पिता ने वह अपार्टमेंट मां और हमारे लिए खरीदा था।
ऋषि ने आगे बताया कि होटल में कुछ समय बिताने के बाद वह दो महीने के लिए चित्रकूट में एक अपार्टमेंट में रहने चले गए। राज कपूर ने अपनी पत्नी और बच्चों को वापस लाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन कृष्णा जी अपनी बात पर अडिग रहीं। उन्होंने तब तक घर लौटने से साफ मना कर दिया जब तक राज कपूर ने अपनी जिंदगी के उस अध्याय यानी अफेयर को पूरी तरह बंद नहीं कर दिया।
ऋषि कपूर कि ये किताब दिखाती है कि फिल्मी चकाचौंध के पीछे एक परिवार को कितने संघर्षों से गुजरना पड़ा था। ऋषि कपूर ने न केवल अपनी सफलताएं शेयर कीं, बल्कि अपने पिता की कमियों को भी दुनिया के सामने रखा, जो यह बताता है कि वह सच में 'खुल्लम खुल्ला' जीने में यकीन रखते थे। आज उनके जाने के बाद, उनकी ये यादें और फिल्में ही सिनेमा प्रेमियों का सहारा हैं।