बॉलीवुड

Rishi Kapoor हुए थे 3 महीने तक डिप्रेशन का शिकार, चॉकलेटी हीरो नाम से करते थे नफरत

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor )बनना चाहते थे एक्शन हीरो ऋषि कपूर हुए थे बुरी तरह डिप्रेशन का शिकार

2 min read
rishi kapoor depression

नई दिल्ली। 70 और 90 के दशक के दशक तक अपने रोमांटिक अंदाज से लोगों के दिल जीत लेने वाले ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अब इस दुनिया से काफी दूर चले गए हैं। लेकिन उनसे जुड़ी यादें हमारे दिलों में आज भी जिंदा हैं। ऋषि कपूर(Rishi Kapoor ) का जन्म आज ही के दिन साल 1952 में मुंबई में हुआ था। घर का हर सदस्य फिल्मों से जुड़ा होने के चलते उन्हें अभिनय की कला विरासत में मिली। और बचपन से वो फिल्मों में काम करने लगे। ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरूआत बतौर एक्टर के रूप में साल 1973 में आई फिल्म बॉबी से की थी। और पहली ही फिल्म में मिली अपार सफलता के बाद वो सुपरस्टार के रूप में पहचाने जाने लगे। लेकिन फिल्मों में वो अपनी पहचान रोमांटिक हीरों की नही बल्कि एक्शन हीरो की बनाना चाहते थे।

एक्शन हीरो नहीं बन पाए ऋषि

ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) अपनी इसी ख्वाहिश को ले कर जब यश चोपड़ा के पास गए थे कि उन्होंनेयह कहकर इंकार कर दिया कि तुम्हारे चेहरे में मासूमियत होने के साथ तुम बड़े ही हैंडसम हो। इसलिए तुम्हें लोग एक्शन हीरो रूप में कोई स्वीकार नहीं करेगा। और वे कभी भी एक्शन हीरो नहीं बन पाए। ऋषि कपूर ने हर तरह की कई बड़ी एक्ट्रेस के साथ काम किया। फिर चाहे बात 70 के दशक की एक्ट्रेस डिंपल की हो या फिर 80 या 90 के दशक की दिव्या भारती जुही चावला की बात हो, हर किसी के साथ परफेक्ट जोड़ी में वो उभरे। लेकिन अस्सी के दशक में एक प्रेंस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने ऋषि कपूर को चॉकलेटी हीरो कह दिया, तो वे भड़क गए, ऋषि कपूर को इस नाम से इतना गुस्सा आया कि वो वहां से उठकर ही चले गए। यह बात साफ हो गई कि अगर कोई उन्हें चॉकलेटी हीरो या रोमांटिक हीरो कह देता तो इस बात से वो काफी चिढ़ जाते थे।

जब डिप्रेशन के शिकार हो गए थे ऋषि

कहते है कि ऋषि कपूर एक बार डिप्रेशन का शिकार भी हो गए थे जिसकी वजह यह थी कि फिरोज खान उस समय के उभरते कलाकार थे और साल 1981 में आई उनकी फिल्म 'कुर्बानी' इतनी हिट हुई थी सुभाष घई की चर्चित फिल्म 'कर्ज' उसके सामने दर्शकों के फीकी नजर आई। 'कुर्बानी' के सामने फिल्म 'कर्ज' दब कर रह गई। इस बात से ऋषि कपूर को इतना सदमा लगा कि वे 3 महीने तक घर से बाहर नही निकले। और डिप्रेशन की दवाईयां तक लेने लगे। किसी तरह से पिता राज कपूर ने उन्हें समझाया और उन्हें इस जंग से लड़ने के लिए दोबारा प्रेरित किया।

Updated on:
04 Sept 2020 05:18 pm
Published on:
04 Sept 2020 05:07 pm
Also Read
View All

अगली खबर