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फिल्म इंडस्ट्री असल में… जावेद अख्तर की बेटी जोया अख्तर ‘नेपोटिज्म’ को लेकर कह दी ये बात

Zoya Akhtar: फिल्ममेकर जोया अख्तर ने एक इंटरव्यू में ‘नेपोटिज्म’ को लेकर बड़ी बात कही है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री असल में कोई भी कुछ भी… पढ़े पूरी खबर।

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मुंबई

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Saurabh Mall

Jan 04, 2026

Yash Mother Land Encroachment Case (1)

‘नेपोटिज्म’ पर बोलीं जोया अख्तर (इमेज सोर्स: IMDb)

Zoya Akhtar Nepotism: फिल्ममेकर जोया अख्तर ने अपने करियर की शुरुआत एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। साल 2009 में उन्होंने अपनी पहली फीचर फिल्म ‘लक बाय चांस’ का निर्देशन किया। इसके बाद जोया ने कई ऐसी फिल्में डायरेक्ट कीं, जिन्हें न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली, बल्कि उनकी स्टोरीलाइन और फिल्मांकन के लिए भी खूब सराहा गया।

बता दें जोया अख्तर प्रसिद्ध लेखक-गीतकार जावेद अख्तर और स्क्रीनराइटर हनी ईरानी की बेटी हैं। अब जोया ने नेपोटिज्म और नए टैलेंट को लेकर अपना एक अलग नजरिया सामने रखा है।

इंडस्ट्री एक इकोसिस्टम है

‘द स्वैडल’ के एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान जोया अख्तर ने फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कहा कि इंडस्ट्री असल में एक बहुत बड़ा इकोसिस्टम है। जहां कोई भी आ सकता है, अपनी राह चुन सकता है और फिल्म भी बना सकता है। जोया के अनुसार इंडस्ट्री को कुछ गिने-चुने बड़े प्रोडक्शन बैनर्स तक सीमित करके देखा जाता है, जबकि हकीकत में इंडस्ट्री इससे कहीं ज्यादा बड़ी है।

आउटसाइडर्स भी बना रहे हैं अपनी पहचान

जोया अख्तर का कहना है कि अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो हर साल ज्यादा संख्या में वही लोग स्टार बनते हैं, जो मुंबई के बाहर से आते हैं और जिन्हें आमतौर पर ‘आउटसाइडर’ कहा जाता है। वे न तो फिल्म इंडस्ट्री में पैदा हुए होते हैं और न ही उनके माता-पिता पहले से यहां काम कर रहे होते हैं।

नेपोटिज्म पर जोया ने कहा

नेपोटिज्म की चर्चा को एक नया मोड़ देते हुए जोया अख्तर ने कहा कि वास्तव में कई बार लोगों की शिकायत इंडस्ट्री से बाहर होने को लेकर नहीं होती, बल्कि इस बात को लेकर होती है कि उन्हें किसी बड़े प्रोडक्शन हाउस, जैसे धर्मा प्रोडक्शंस, में काम नहीं मिल रहा। जोया ने कहा, “आप एक्टिंग करना चाहते हैं? आप कर सकते हैं और अगर आप एक्टिंग कर रहे हैं, तो आप इंडस्ट्री में ही हैं।” जोया के मुताबिक, सफलता को सिर्फ कुछ चुनिंदा बड़े प्रोडक्शन हाउस के करीब होने से जोड़कर देखना सही नहीं है।

कब शुरू हुई की नेपोटिज्म बहस?

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म की बहस लगभग दस साल पहले तब सुर्खियों में आ आयी, जब अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक शो के दौरान करण जौहर को 'मूवी माफिया' और 'नेपोटिज्म का फ्लैग-बियरर' कहा था। इसके बाद से ही नेपोटिज्म, इनसाइडर और आउटसाइडर जैसे शब्द आम चर्चा का हिस्सा बन गए। जब भी किसी स्टार किड से जुड़े हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट सामने आते हैं, यह बहस फिर से तेज हो जाती है।

जोया अख्तर के प्रोजेक्ट्स

जोया अख्तर ने साल 2023 में ‘द आर्चीज’ और ‘खो गए हम कहां’ का निर्देशन किया था। 'द आर्चीज' के जरिए अगस्त्य नंदा, सुहाना खान और खुशी कपूर जैसे स्टार किड्स ने अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म को लेकर न सिर्फ जोया, बल्कि पूरी कास्ट को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

साल 2024 में जोया अख्तर ने ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ को प्रोड्यूस किया। फिलहाल उनके आने वाले नए प्रोजेक्ट्स को लेकर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट घोषणा नहीं की गई है।