Rubina Khan On Mamata Kulkarni And Divya Bharti: बॉलीवुड की दिग्गज बैकग्राउंड डांसर रुबीना खान ने हाल ही में ममता कुलकर्णी और दिव्या भारती जैसी एक्ट्रेसेस के लिए बड़ी बात बोल दी है।
Rubina Khan On Mamata Kulkarni And Divya Bharti:बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे काम करने वाले कलाकारों की जिंदगी हमेशा से आसान नहीं रही। पर्दे पर सितारों के साथ थिरकने वाले बैकग्राउंड डांसर्स अक्सर उन कहानियों के गवाह होते हैं, जिनसे आम लोग अनजान रहते हैं। हाल ही में दिग्गज बैकग्राउंड डांसर रुबीना खान ने फिल्म इंडस्ट्री के कई पुराने अनुभव साझा किए और बताया कि किन सितारों ने उन्हें इज्जत और अपनापन दिया, जबकि कुछ कलाकारों का व्यवहार उन्हें खटकता था।
रुबीना खान ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि बॉलीवुड के कुछ बड़े अभिनेता कभी स्टार जैसा रवैया नहीं दिखाते थे। उनके मुताबिक संजय दत्त, मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ और अजय देवगन जैसे कलाकार सेट पर डांसर्स के साथ दोस्ताना भरा बर्ताव करते थे। उन्होंने बताया कि ये सितारे अक्सर शूटिंग के दौरान मजाक करते, बातचीत करते और कभी यह महसूस नहीं होने देते थे कि वो बड़े सुपरस्टार हैं।
रुबीना ने खासतौर पर माधुरी दीक्षित की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी बड़ी स्टार होने के बावजूद उनमें बिल्कुल भी घमंड नहीं था। उन्होंने एक शूटिंग का किस्सा सुनाया, जब माधुरी डांसर्स के साथ जमीन पर बैठकर हंसी-मजाक कर रही थीं। रुबीना के अनुसार उस माहौल में ऐसा बिल्कुल नहीं लगता था कि एक तरफ सुपरस्टार बैठी हैं और दूसरी तरफ जूनियर कलाकार। यही सादगी उन्हें सबसे अलग बनाती थी।
हालांकि बातचीत के दौरान रुबीना ने यह भी स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में हर कलाकार का व्यवहार एक जैसा नहीं था। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में कुछ अभिनेत्रियां डांसर्स से दूरी बनाकर रखती थीं। रुबीना ने ममता कुलकर्णी और दिव्या भारती का नाम लेते हुए कहा कि उनमें शुरुआती समय में थोड़ा एटीट्यूड देखने को मिलता था। शूटिंग के दौरान वे अक्सर डांसर्स को थोड़ा दूर रहने के लिए कहती थीं ताकि भीड़भाड़ वाले डांस सीक्वेंस में धक्का-मुक्की न हो।
लेकिन रुबीना ने इस बात को सिर्फ कलाकारों की गलती नहीं माना। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उस दौर में डांसर्स भी काफी शरारती हुआ करते थे। कई बार जानबूझकर गलती कर दी जाती थी ताकि सामने वाले कलाकार को परेशान किया जा सके।
रुबीना खान ने पुराने दौर की शूटिंग की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आज की तरह तब शूटिंग में ज्यादा सुविधाएं नहीं होती थीं। कई बार घंटों तक तेज धूप में बिना चप्पल के डांस करना पड़ता था। उन्होंने फिल्म ‘प्रेम’ की शूटिंग का अनुभव साझा करते हुए कहा कि गर्म जमीन पर लगातार डांस करने की वजह से डांसर्स के पैरों में छाले पड़ गए थे, लेकिन काम रुकता नहीं था।
इतना ही नहीं, उन्होंने उस समय की पेमेंट को लेकर भी चौंकाने वाला खुलासा किया। रुबीना के मुताबिक डांसर्स के कपड़ों के हिसाब से उनकी फीस तय होती थी। अगर किसी गाने में छोटे या ग्लैमरस कपड़े पहनने पड़ते थे, तो भुगतान बढ़ा दिया जाता था। विग, टैटू या अलग तरह के कॉस्ट्यूम के लिए भी अतिरिक्त पैसे दिए जाते थे, क्योंकि बेसिक सैलरी बेहद कम होती थी।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था तब उन्हें रोजाना सिर्फ 175 रुपये मिलते थे। दुख की बात यह है कि इतने साल गुजर जाने के बाद भी बैकग्राउंड डांसर्स की कमाई में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया। रुबीना का मानना है कि फिल्मों की दुनिया जितनी चमकदार दिखाई देती है, उसके पीछे संघर्ष और मेहनत की लंबी कहानी छिपी होती है।