Harsha Richhariya भगवा चोला छोड़ साध्वी हर्षा रिछारिया अब उसी दुनिया में वापस लौट गई हैं, जहां से उन्होंने शुरुआत की थी- मॉडलिंग एंकरिंग… जानिए पूरा मामला।
Sadhvi Harsha Richhariya Suicide Attempt: महाकुंभ के दौरान साध्वी बनकर चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया अब फिर सुर्खियों के केंद्र में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो भगवा चोला छोड़कर अपनी पुरानी दुनिया मॉडलिंग और एंकरिंग में लौटने वाली हैं।
हर्षा ने दावा किया है कि पिछले एक साल में उन्हें इतनी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी कि आत्महत्या जैसे ख्याल आने लगे थे। एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने संत समाज पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके चरित्र और गरिमा को तोड़ने की कोशिश की गई।
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हर्षा रिछारिया का कहना है कि इस रास्ते में कभी कुछ गलत नहीं है। वो संत समाज छोड़ना नहीं चाहती थीं, लेकिन उन्हें इतनी तकलीफ दी गई कि मजबूर होकर रास्ता बदलना पड़ा। उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उनकी इज्जत, मान, और चरित्र पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “समाज और धर्म के लोग यह तय कर रहे थे कि मुझे कैसा होना चाहिए, क्या बोलना चाहिए, किस तरह रहना चाहिए। वही लोग मंच से स्त्री को आदिशक्ति बताते हैं, लेकिन जब कोई महिला आगे बढ़ती है तो उन्हें बुरा लगता है।”
हर्षा ने यह भी दावा किया है कि पिछले एक साल में उन्हें इतनी मानसिक यातना झेलनी पड़ी कि कई बार आत्महत्या के विचार आने लगे। वह कहती हैं- “मैं कोई सीता नहीं हूं जो हर बार परीक्षा देती रहूं। मेरी भी एक लिमिट है। मरने से आसान लगा कि मैं अपनी जिंदगी का नया रास्ता चुन लूं।”
मकर संक्रांति पर वे नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंचीं और इसे ईश्वर की इच्छा बताती हैं। उन्होंने बताया कि ये सब अचानक हुआ, कोई प्लान नहीं था। लेकिन मुझे ऐसा लगा जैसे भगवान खुद मुझे वहां बुला रहे हों। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास था।