बॉलीवुड की चुलबुली एक्ट्रेस सायरा बानो (Saira Banu) अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपनी मासूम सी मुस्कान के लिए बेहद पसंद की जाती थीं. उन्होंने अपने चुलबुले अंदाज और अपने बेहतरीन किरदारों से लोगों के बीच अपनी अपली अलग पहचान बनाई थी. आज भी उनके इस अंदाज को बेहद याद किया जाता है.
बॉलीवुड में एक्ट्रेस आईं और गईं, लेकिन कुछ ही ऐसी एक्ट्रेस थी, जिन्होंने इंडस्ट्री में अपना नाम बेहद ही अलग लेवल तक पहुंचाया है. कई एक्ट्रेस अपने दमदार अभिनय के लिए जानी गई तो कुछ अपने अलग अंदाज के लिए तो कुछ खूबसूरती के लिए. आज हम आपको ऐसी ही एक बेहतरीन एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के साथ-साथ अपनी खूबसूरत, अपनी मासूम सी मुस्कान और चुलबुले अंदाज से लोगों के बीच अपनी अलग जगह बनाई है.
एक ऐसी जगह जिसके लिए वो आज तक जानी जाती हैं. जी हां, आज हम सायरा बानो (Saira Banu) के बारे में बात कर रहे हैं. दिग्गज अभिनेता दिपील कुमार (Dilip Kumar) के जाने के बाद सायरा बानो अब इस दुनिया में अकेले रह गई हैं. अपने 'साहेब' की मौत के गम में अब वो भी काफी बीमार चल रही हैं. उनकी हालत खराब है. वो हर-पल अपने साहेब को याद करती हैं और दुआ करती हैं कि वो चाहे जहां हों बस खुश हों.
साहेब के जाने के बाद सायरा बानो की वो प्यारी सी मुस्कान भी कहीं खो सी गई है, जिसके लोग दीवाने हुआ करते थे. सायरा बानो ने फिल्म 'जंगली' और 'पड़ोसन 'जैसी हिट फिल्मों में अपने दमदाम किरदारों से लोगों का दिल जीता और अपनी जबरदस्त पहचान कायम की. सायरा बानो का जन्म 23 अगस्त 1944 को हुआ. सायरा की मां नसीम बानो भी इंडस्ट्री की एक जानी मानी एक्ट्रेस में से एक थीं.
सायरा का बचपन लंदन में बीता. उन्होंने पढ़ाई भी वहीं की, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद सायरा बानो भारत लौटआईं और उन्होंने भी अपनी मां की तरह एक्टिंग की राह को चुना और लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई. सायरा ने साल 1961 में शम्मी कपूर के साथ फिल्म ‘जंगली' से बॉलीवुड में डेब्यू किया. उनकी ये पेहली फिल्म थी, जो बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई.
फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने बैक टू बैक बड़ी हिट फिल्मों और बड़े स्टार्स के साथ काम किया. इसके बाद फिल्म 'पड़ोसन' से भी उन्होंने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की. इस फिल्म में सुनील दत्त और किशोर कुमार ने उनका साथ दिया, तीनों की तिगड़म को बेहद पसंद किया गया. इस फिल्म के गानों को भी बेहद पसंद किया गया.
उन्होंने 'झुक गया आसमान', 'पूरब और पश्चिम', 'आई मिलन की बेला', 'ब्लफमास्टर' और 'विक्टोरिया नंबर 203', ‘दीवाना', ‘शागिर्द' ‘चैताली' जैसी कई हिट और बड़ी फिल्मों में काम किया. इसके बाद सायरा बानो ने दिलीप कुमार के साथ ‘गोपी', ‘बैराग' और ‘सगीना' जैसी फिल्मों में काम किया. दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था.
बता दें कि सायरा बानो ने एक बार अपने इंटरव्यू में बताया था कि वे दिलीप कुमार को 12 साल की उम्र से बेहद चाहती थीं. साल 1966 में 22 साल की सायरा बानो ने 44 साल के दिलीप कुमार से शादी कर ली और उनके आखिर समय तक उनका साथ निभाया.