Shahrukh Khan Hanuman: शाहरुख खान को 'महाबली हनुमान' के रोल के लिए ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने ये भूमिका निभाने से मना कर दिया। उनकी इस फैसले का मुख्य कारण था कि वे अपनी ऐसी उम्र में इस तरह के टाइपकास्ट या माइथोलॉजिकल रोल्स करना नहीं चाहते थे।
Shahrukh Khan Hanuman: आज भारतीय फिल्म जगत की सफलता विश्वभर में छा रही है। खासकर 'रामायण' जैसी महाकाव्य कहानियों पर बनी फिल्में अब ग्लोबल लेवल पर लोकप्रिय हो रही हैं। इसी बीच, शाहरुख खान का एक पुराना बयान फिर से सुर्खियों में छा गया है। ये घटना 2011 की है, जब शाहरुख अपनी फिल्म 'रा.वन' के प्रमोशन के दौरान फिल्म आलोचक तरण आदर्श से एक्टर बातचीत कर रहे थे।
शाहरुख खान ने अपने बातचीत के दौरान बताया कि हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक टोनी स्कॉट ने उनके पास एक खास फिल्म का विचार लेकर आए थे। टोनी स्कॉट चाहते थे कि वे भारतीय सुपरहीरो हनुमान जी की कहानी को एक आधुनिक और ग्लोबल सुपरहीरो के रूप में पेश करें, क्योंकि उस समय बैटमैन या सुपरमैन जैसे कैरेक्टर की लोकप्रियता नहीं थी।
इस पर टोनी ने सुझाव दिया था कि इस सुपरहीरो का सामान्य रूप दिखे, लेकिन युद्ध के समय उसकी शक्तियां जागृत हों और उसकी पूंछ प्रकट हो, लेकिन शाहरुख ने ये ऑफर एक्सेप्ट नहीं किया। इस पर उन्होंने हंसते हुए बताया कि उस समय उनकी अंग्रेजी अच्छी नहीं थी, जिससे वे इस बड़े हॉलीवुड प्रोजेक्ट को संभाल नहीं सकते थे। साथ ही, उन्होंने मजाक में कहा कि यदि टोनी ने उन्हें कोई ऐसा रोल दिया होता जिसमें बोलना न पड़ता, तो शायद वे इस फिल्म में काम करते।
इतना ही नहीं, इसी बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक बड़ी इच्छा भी शेयर की, जिसमें वे चाहते हैं कि 'महाभारत' को आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर, जैसे 'एक्स-मेन' फिल्में बनती है उसे दर्शाया जाए। ये सोच काफी जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि कई लोग इस पर आपत्ति कर सकते हैं और फिल्म पर रोक भी लग सकता है। फिर भी, शाहरुख का मानना है कि आने वाली पीढ़ी को अपने देवताओं को एक आधुनिक सुपरहीरो के रूप में देखना चाहेगी।
बता दें, एक्टर शाहरुख खान ने बताया कि उनकी फिल्म 'रा.वन' भी रामायण की एक नई कथा है। इसमें 'रा.वन' का किरदार बुराई का प्रतीक है तो 'जी.वन' अच्छाई का संदेश देता है। ये फिल्म बच्चों को ये समझाने की कोशिश करती है कि अच्छाई और बुराई का संघर्ष हमेशा चलता रहता है।