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टीवी एक्ट्रेस का 17 साल रहा था रिश्ता, बेटी के कहने पर लिया था तलाक, एक्स-हसबैंड को याद कर बोलीं- कभी भूल नहीं पाऊंगी

Shubhangi Atre: ‘भाभी जी घर पर हैं’ की एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने एक्स-हसबैंड पीयूष पूरे को याद करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं किसी और से इतना प्यार कर सकती हूँ।

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Jun 18, 2025
‘भाभी जी घर पर हैं’ की एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे (फोटो सोर्स: शुभांगी इंस्टाग्राम)

TV News: शराब की लत ने अच्छे-अच्छों का घर उजाड़ दिया। एक संयुक्त परिवार टूटकर बिखर जाता है। खुशियां धीरे-धीरे धूमिल होने लगती हैं। इसका असर धीरे-धीरे बच्चों पर पड़ने लगता है। लेकिन जब ‘सब्र का बांध’ टूटता है तो बच्चे अपने माता-पिता से तलाक लेने के बारे में या फिर खुद अलग होने के बारे में सोचने लगते हैं।

ये सब बातें इसलिए हैं क्योंकि ‘भाभी जी घर पर हैं’ की एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने एक इंटरव्यू में कुछ ऐसा ही खुलासा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि वह तलाक के बाद भी एक्स-हसबैंड पीयूष पूरे को कभी भूल नहीं पाएंगी।

बेटी ने ही मुझसे कहा कि यह हमारे लिए…

टीवी एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनके लिए तलाक लेना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्होंने कहा, "17 साल कोई छोटा वक्त नहीं होता। मैं उस रिश्ते संभाल रही थी। लेकिन कभी-कभी ऐसा वक्त आता है जब आपको अपनी और अपनी बेटी की भलाई के लिए एक बड़ा फैसला लेना पड़ता है। मैंने हर मुमकिन कोशिश की। शराब की लत ऐसी चीज है जो इंसान के बस में नहीं रहती। दिल से कह रही हूं, मैंने सब किया, लेकिन वो मेरी पहुंच से बाहर था। दरअसल, मेरी बेटी ने ही मुझसे कहा कि ये अब हमारे लिए ठीक नहीं है, तुम्हें इससे बाहर निकलना चाहिए।”

रिश्ते को तोड़ना मेरे लिए बहुत मुश्किल था

भाबीजी घर पर हैं! फेम इस एक्ट्रेस ने आगे बताया कि इस रिश्ते की वजह से उन्हें एंग्जायटी की समस्या हो गई थी। "मैंने उस रिश्ते में अपना सब कुछ लगा दिया था। मैंने उससे प्यार किया, और शायद अब किसी से उतना प्यार न कर सकूं। जब मेरी शादी हुई थी, तब मैं बहुत छोटी थी। इसलिए उस रिश्ते को छोड़ना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। करीब दो महीने पहले उनका निधन हो गया। अब मैं उन्हें उनकी अच्छी यादों के साथ याद करना चाहती हूं।"

किसी को भी अलगाव से नहीं गुजरना पड़े

तलाक को लेकर एक्ट्रेस ने महिलाओं से खास अपील की। उन्होंने कहा- महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से भी स्वतंत्र होने पड़ेगा।

"यह वही है जो मैंने पिछले 4-5 वर्षों में सीखा है। कभी-कभी, आप किसी रिश्ते में इतने इन्वॉल्व हो जाते हैं कि यह थका देने वाला हो जाता है। मैं वास्तव में आशा करती हूँ कि किसी को भी अलगाव से नहीं गुजरना पड़े। मैं विवाह, साझेदारी और साहचर्य में विश्वास करती हूँ। यह एक सुंदर संस्था है। लेकिन साथ ही, अगर दो लोग एक साथ खुश नहीं हैं, तो भावनात्मक स्वतंत्रता आवश्यक है। अगर आप वहाँ बर्बाद हो जाते हैं, तो आप कहीं और ध्यान केंद्रित नहीं कर सकते।”

Published on:
18 Jun 2025 04:23 pm
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