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सत्य निकेतन में ढहा PG! दिल्ली हादसे को लेकर भड़के सोनू सूद, सरकार को दी नसीहत

Delhi building collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला PG इमारत ढहने से 7 छात्रों की मौत हो गई है। सोनू सूद का इसी हादसे पर दुख और गुस्सा दोनों बाहर आया हैं। उन्होंने सरकार को सुझाव दिए हैं।
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Updated: 8 Sep 2026, 11:18 AM IST
Sonu Sood on Delhi building collapse Satya Niketan PG
दिल्ली हादसे पर सोनू सूद ने सरकार को दिए सुझाव (Photo Source- Instagram/sonu_sood)

Sonu Sood On Delhi building collapse: राजधानी दिल्ली के साउथ कैंपस से सटा सत्य निकेतन इलाका रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक दहल उठा। चीख-पुकार से हंगामा मच गया। जब एक पांच मंजिला PG की इमारत ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। लगभग 28 घंटे तक चले लंबे और कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया है लेकिन बदकिस्मती से 7 छात्रों ने अपनी जान गंवा दी। अब इस हृदयविदारक घटना पर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी भड़क गए। उन्होंने पोस्ट में कई बातें कही।

दिल्ली हादसे पर सोनू सूद ने किया पोस्ट

सोनू सूद ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने सरकार से भावुक अपील करते हुए देश की अलग-अलग जगहों से बड़े शहरों में पढ़ने आने वाले लाखों युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

सोनू सूद ने लिखा, "हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर दूसरे शहर आते हैं। लेकिन क्या हम उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित जगह दे पा रहे हैं? अकेले दिल्ली में लगभग 7 लाख छात्र नामांकित हैं, जबकि सरकारी और विश्वविद्यालय हॉस्टल्स की कुल क्षमता मुश्किल से 30,000 है। यानी हर 31 में से केवल 1 छात्र को ही हॉस्टल मिल पाता है। बाकी छात्रों को ऐसी असुरक्षित और जर्जर इमारतों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।"

"सरकारी जमीनों पर बनें किफायती हॉस्टल"

हादसों को रोकने के लिए ठोस समाधान बताते हुए सोनू सूद ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों के आसपास खाली पड़ी सरकारी जमीनों की पहचान की जानी चाहिए और वहां तुरंत सुरक्षित व किफायती छात्र हॉस्टल बनाए जाने चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने विश्वविद्यालयों को परिसर के अंदर ही अतिरिक्त भवन निर्माण की अनुमति देने की मांग की।

उन्होंने कहा, "इससे छात्रों को सुरक्षा मिलेगी, उनके माता-पिता को मानसिक शांति मिलेगी, और सरकारों व विश्वविद्यालयों को राजस्व भी प्राप्त होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम मासूम जिंदगियों को बचा सकेंगे। कभी-कभी नीति में एक छोटा सा सकारात्मक बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को साकार कर सकता है और उसकी जान बचा सकता है।"

कैसे हुआ हादसा?

यह भीषण हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे आरके पुरम/मोती बाग इलाके में स्थित शिव मंदिर के पास एक तंग गली में हुआ। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और NDRF की टीमें करीब 1:50 बजे मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस 5 मंजिला पीजी में लगभग 15 कमरे थे और हर कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। भारी मलबे के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंगलवार सुबह तक 7 शव निकाले जा चुके थे, जबकि बचाव अभियान अभी भी जारी है।

Updated on:
8 Sep 2026, 11:18 AM IST
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