
बॉलीवुड अभिनेता सूरज पंचोली पर पिछले 6 साल से अभिनेत्री और उनकी पूर्व प्रेमिका जिया खान को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस चल रहा है। इन 6 सालों में इस मामले में सूरज का कोई बयान सामने नहीं आया। लेकिन अब उन्होंने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। हाल में सूरज ने अपने 28 वें जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर एक लंबा नोट लिखा है और जिया खान आत्महत्या मामले में कई बातें लिखी।
बहुत दिनों से दिल मेें थी कई बातें:
सूरज ने अपने बर्थडे पर एक नोट लिखा और हाथ में कैंडल लिए एक तस्वीर भी शेयर की। उन्होंने लिखा,'बहुत दिनों से अपने दिल में कई बातें रखा था लेकिन अब चुप रहना मुश्किल है।' उन्होंनेे लिखा, 'आज मैं अपने जीवन के 28 साल पूरे कर रहा हूं। मैं इस क्षण में कुछ विचारों को साझा करने के लिए आपके सामने आना चाहता हूं। जो कई समय से मेरे दिल में दबी हैं, मैं मामले समाप्त होने तक बात करने के लिए इंतजार करना चाहता था, लेकिन इस केस ने उम्मीद से अधिक समय ले लिया है।'
मैं इतना भी बुरा नहीं हूं:
सूरज ने आगे लिखा, 'इस केस के दौरान मुझे हत्यारा, रेपिस्ट और काफी बुरा भला कहा गया। मैंने सब चुपचाप देखा है। इस सबने मेरे अपनों को काफी दुख पहुंचाया है। लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि मैं इतना बुरा नहीं हूं, मेरा सपना भी हमेशा अपने पेरेंट्स के लिए शान बनना रहा है। मैं 6 साल से लगातार पॉजिटिव होने की कोशिश कर रहा हूं। मेरे इस सफर में जिन्होंने मेरा साथ दिया उन्हें धन्यवाद।'
2013 में घर पर फंदे से लटकी मिली थी जिया:
बता दें कि जिया खान 3 जून 2013 को अपने घर पर फांसी के फंदे से लटकी मिली थीं। इस घटना के पहले दो दिन से वह सूरज के घर पर ही रह रही थीं। घटना वाले दिन ही वह अपने घर पर लौटी थीं। इस मामले में सूरज पंचोली पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ। मुंबई की एक सत्र अदालत ने सूरज के खिलाफ 30 जनवरी 2018 को आरोप तय किए थे।
शादी के झूठे वादे:
बता दें कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही थी। सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में कहा था,‘जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि मृतका (जिया) द्वारा लिखा गया नोट यह साबित करता है कि सूरज ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया था।’ साथ ही आरोपपत्र में कहा गया कि जिया और सूरज सितंबर 2012 से फेसबुक के जरिए संपर्क में थे और (3 जून 2013 को) उसकी मौत तक साथ रहा करते थे। दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी थे। साथ ही आरोपत्र के अनुसार आरोपी (सूरज)के आचरण ने उसे आत्महत्या के लिए विवश कर दिया। इसलिए सूरज आत्महत्या के लिए उकसाने की सजा का हकदार है।