बॉलीवुड

‘वो बाजारू स्टार नहीं’, अक्षय खन्ना को लेकर सुभाष घई ने कही थी ये बात, बोले- वो हमेशा सच बोलते हैं

Taal 27th Anniversary: अभिनेता अक्षय खन्ना को लेकर फिल्ममेकर सुभाष घई ने पुराने इंटरव्यू में कहा था कि वो बाजारू स्टार नहीं है, वो अपने किरदार से सच बोलते हैं।
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Aug 07, 2026
Taal 27th Anniversary
अक्षय खन्ना पर सुभाष घई ने कही थी ये बात ( फोटो सोर्स- IMDb)

Taal 27th Anniversary: बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘ताल’ को रिलीज हुए 27 साल पूरे होने वाले हैं। 13 अगस्त को फिल्म रिलीज हुई थी। सुभाष घई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, अनिल कपूर और अक्षय खन्ना ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म अपनी कहानी, संगीत और कलाकारों की शानदार अदाकारी के लिए आज भी याद की जाती है।

खासतौर पर अक्षय खन्ना का किरदार दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा था। अब फिल्म की सालगिरह से पहले निर्देशक सुभाष घई का एक पुराना इंटरव्यू चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अक्षय खन्ना की कास्टिंग और उनकी अभिनय शैली को लेकर खुलकर बात की थी।

अक्षय खन्ना को लेकर असमंजस में थे सुभाष घई

सुभाष घई ने 'ई-टाइम्स' के साथ बातचीत में बताया था कि ‘ताल’ में अक्षय खन्ना का किरदार उनके लिए आसान नहीं था। यह ऐसा किरदार था, जिसे निभाने के लिए केवल लोकप्रिय अभिनेता होना पर्याप्त नहीं था। निर्देशक को ऐसे कलाकार की तलाश थी, जो किरदार की जटिलता और उसकी भावनाओं को ईमानदारी के साथ पर्दे पर उतार सके।

घई उस दौर में कई बड़े सितारों के साथ काम कर चुके थे। ‘कर्मा’, ‘खलनायक’ और ‘परदेस’ जैसी फिल्मों के बाद इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकार उनके साथ काम करना चाहते थे। लेकिन ‘ताल’ के लिए उन्होंने किसी स्टार की लोकप्रिय छवि को ध्यान में रखकर फैसला नहीं किया। उनकी प्राथमिकता उनका लिखा हुआ किरदार था।

विनोद खन्ना के जरिए हुई अक्षय से मुलाकात

अक्षय खन्ना की मुलाकात सुभाष घई से उनके पिता और दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना के जरिए हुई थी। युवा अक्षय को देखने के बाद निर्देशक को उनमें एक अलग तरह की गंभीरता दिखाई दी। उन्हें लगा कि इस अभिनेता के चेहरे और व्यक्तित्व में ऐसी सच्चाई है, जो उनके किरदार के लिए जरूरी थी।

सुभाष घई के मुताबिक, अक्षय का अभिनय दिखावे से ज्यादा स्वाभाविक था। यही वजह रही कि उन्होंने इस भूमिका के लिए उन्हें चुना। निर्देशक को भरोसा था कि अक्षय अपने किरदार को बनावटी अंदाज में पेश करने के बजाय उसकी भावनाओं को समझकर निभाएंगे।

‘बाजारू स्टार’ वाली टिप्पणी का क्या था मतलब?

पुराने इंटरव्यू में सुभाष घई ने अक्षय खन्ना को ‘बाजारू स्टार’ की श्रेणी से अलग बताया था। उनके मुताबिक इसका मतलब उन कलाकारों से था जो अपनी फिल्मों और छवि को लेकर मैनेजर, ब्रांड और बाजार की रणनीति पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।

घई ने अक्षय की सबसे बड़ी खासियत उनकी पसंद को बताया। उनका कहना था कि अक्षय हर प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं होते। अगर उन्हें निर्देशक और कहानी पसंद आती है, तभी वह पूरी तरह उस काम में खुद को झोंक देते हैं।

‘ताल’ को मिली सफलता का श्रेय सिर्फ एक कलाकार को नहीं

सुभाष घई ने ‘ताल’ की कामयाबी को पूरी टीम की उपलब्धि माना था। फिल्म के संगीत ने इसे अलग पहचान दी और ए.आर. रहमान के संगीत ने कहानी के प्रभाव को और बढ़ाया। आनंद बख्शी के गीत, ऐश्वर्या राय बच्चन की अदाकारी, अनिल कपूर का अनुभव और अक्षय खन्ना का अभिनय फिल्म की मजबूती बने।

निर्देशक के अनुसार, ‘ताल’ से जुड़े कलाकार और तकनीकी टीम एक साझा सोच के साथ काम कर रही थी। यही तालमेल फिल्म को एक ऐसी पहचान देने में सफल रहा, जिसकी चर्चा रिलीज के वर्षों बाद भी होती है।

आज भी याद किया जाता है अक्षय का अंदाज

अक्षय खन्ना ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। लेकिन ‘ताल’ में उनका संयमित और गंभीर अंदाज उनके यादगार प्रदर्शनों में गिना जाता है। सुभाष घई की पुरानी बातों से भी यह साफ होता है कि अक्षय को चुनने के पीछे उनकी स्टार वैल्यू से ज्यादा उनके अभिनय की सच्चाई और किरदार के प्रति समर्पण को महत्व दिया गया था।

Updated on:
07 Aug 2026 11:55 am
Published on:
07 Aug 2026 11:52 am