
Sunny Deol-Dimple Kapadia Picture Rule: बॉलीवुड की चमक-दमक हमेशा से दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। आज के दौर में जहां सितारों की निजी जिंदगी का हर पल कैमरों में कैद हो जाता है, वहीं एक समय ऐसा भी था जब कुछ रिश्तों को पर्दे के पीछे ही रहने दिया जाता था। अब इंडस्ट्री के अनुभवी सेलिब्रिटी फोटोग्राफर रामाकांत मुंडे ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने दशकों पुराने बॉलीवुड के सबसे चर्चित रिश्तों में से एक को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
'हिंदी रश' से बात करते हुए रामाकांत मुंडे ने हाल ही में बताया कि पैपराजी कल्चर आने से पहले बॉलीवुड में कुछ अनलिखे नियम हुआ करते थे। इन्हीं नियमों में एक नाम सनी देओल और डिंपल कपाड़िया का भी शामिल था। मुंडे के मुताबिक फिल्मी पत्रकारों और फोटोग्राफरों के बीच ये बात किसी राज से कम नहीं थी कि सनी और डिंपल साथ में तस्वीरें खिंचवाना पसंद नहीं करते थे।
अगर दोनों किसी फिल्म सेट, अवॉर्ड समारोह या निजी कार्यक्रम में मौजूद भी होते, तो कैमरों को उनसे दूर रखने का इशारा मिल जाता था। कई बार उनकी टीम के लोग सीधे फोटोग्राफरों से अनुरोध करते थे, तो कई बार सिर्फ एक संकेत ही काफी होता था।
दिलचस्प बात ये है कि उस दौर में ऐसे फोटो की वैसी मांग भी नहीं थी जैसी आज देखने को मिलती है। आज जहां किसी सेलिब्रिटी की निजी मुलाकात या रिश्ते की तस्वीरें मिनटों में वायरल हो जाती हैं, वहीं तब प्रकाशकों की प्राथमिकता कुछ और होती थी। वो आकर्षक कॉस्ट्यूम, शानदार मेकअप, ग्लैमरस लुक और स्टाइलिश तस्वीरों को ज्यादा महत्व देते थे।
रामाकांत मुंडे बताते हैं कि उस समय किसी अभिनेता या अभिनेत्री के निजी संबंधों से ज्यादा उनकी स्क्रीन प्रेजेंस चर्चा का विषय होती थी। मीडिया का फोकस सितारों की कला, फिल्मों और फैशन पर रहता था। यही वजह थी कि कई निजी रिश्ते वर्षों तक सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रहे और कैमरों की नजरों से दूर बने रहे।
फोटोग्राफर ने उस दौर की एक और दिलचस्प तस्वीर पेश की। उनके मुताबिक, अभिनेत्रियों की तस्वीरों की मांग अभिनेताओं की तुलना में कहीं ज्यादा होती थी। इसकी वजह उनका स्टाइल, कॉस्ट्यूम और ग्लैमर था। अगर किसी शूटिंग सेट पर माधुरी दीक्षित, श्रीदेवी, मनीषा कोइराला या शिल्पा शेट्टी जैसी स्टार अभिनेत्रियों की मौजूदगी की खबर मिलती, तो फोटोग्राफर तय समय से काफी पहले पहुंच जाते थे।