Ghooskhor Pandat Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 'घूसखोर पंडित' के खिलाफ चल रहे सभी मामलों को बंद करने का निर्णय लिया है। ये मामला पिछले कुछ समय से विवादों में था, लेकिन अब कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
Ghooskhor Pandat Controversy: 3 फरवरी, 2026 को नेटफ्लिक्स इवेंट के दौरान मनोज बाजपेयी की नई फिल्म 'घूसखोर पंडत' का ऐलान किया गया था। इसके साथ ही इसका एक छोटा-सा टीजर भी जारी किया, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों में फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया और कई जगह ब्राह्मण समाज के लोगों ने इस नाम को आहत करने वाला बताते हुए नेटफ्लिक्स और फिल्म के मेकर्स के विरोध में शिकायत दर्ज करवाई। दरअसल, ये विवाद इतना बढ़ गया कि कई लोग प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए।
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मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने कहा था कि 'पंडत' शब्द का भ्रष्टाचार से जुड़ना समुदाय की गरिमा के खिलाफ है और ये एक गैर-जिम्मेदाराना कदम है। इस पर कोर्ट ने भी प्रतिक्रिया दी और फिल्म के नाम को लेकर सख्त रवैया अपनाया। हालांकि, न्यायालय ने साफ कहा कि कोई भी सामाजिक वर्ग इस तरह के अपमानजनक नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक फिल्म का नाम बदला नहीं जाएगा, तब तक इसे रिलीज की अनुमति नहीं मिलेगी।
इतना ही नहीं, इस मामले की सुनवाई 19 फरवरी यानी आज सुप्रीम कोर्ट में हुई, जहां फिल्ममेकर नीरज पांडे ने कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए फिल्म का पुराना नाम वापस लेने का फैसला किया। तो इसके साथ ही 'घूसखोर पंडत' नाम से जुड़ा ट्रेलर, पोस्टर, टीजर और सभी प्रकार की प्रचार सामग्री भी हटा दी गई है।
नीरज पांडे ने कोर्ट में हलफनामे में कहा कि फिल्म का नया नाम जल्द ही तय किया जाएगा जो पूर्व नाम से बिल्कुल अलग होगा और किसी भी तरह से आपत्तिजनक नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने आगे ये भी बताया कि फिल्म की कहानी को सही तरीके से दर्शाया जाएगा ताकि कोई गलत अर्थ न निकाला जाए।
अब हर किसी की निगाहें इस बात पर है कि फिल्म का नया नाम क्या होगा और कहानी किस रूप में सामने आएगी। ये विवाद इस बात का उदाहरण है कि फिल्म और मीडिया जगत में संवेदनशीलता का कितना ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप भी थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं, तो जल्द ही मनोज बाजपेयी की इस नई फिल्म को नए नाम के साथ देखने का इंतजार करें।