
Zubeen Garg Death News: असम के संगीत जगत के सूरज जुबीन गर्ग, की अचानक मौत ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। उनका निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हुआ था। अब, उनके अंतिम संस्कार के ठीक 19 दिन बाद, सहयोगी गायक मानस रॉबिन ने एक ऐसा बम फोड़ा है जो जांच की दिशा बदल सकता है। रॉबिन ने दावा किया है कि अंतिम विदाई के दिन उन्हें जुबीन के से जुड़े ठोस सबूत हाथ लगे हैं।
मशहूर गायक और संगीतकार मानस रॉबिन बुधवार को जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ी जांच के सिलसिले में गुवाहाटी के सीआईडी दफ्तर पहुंचे। एसआईटी की पूछताछ से पहले उन्होंने मीडिया से बात की।
मानस रॉबिन ने खुलासा किया कि जुबीन के अंतिम संस्कार के दिन उनके पास कुछ अहम सबूत थे, जिन्हें अब वे एसआईटी को सौंपने वाले हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ कहा कि वह फिलहाल उन सबूतों को सार्वजनिक नहीं करेंगे, ताकि जांच प्रभावित न हो।
रॉबिन के मुताबिक, ये सबूत मामले की सच्चाई तक पहुंचने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि उनकी पेश की गई जानकारी से जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
जुबीन गर्ग की मौत अब भी रहस्यमय बनी हुई हैं। एसआईटी और सीआईडी इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें जुबीन के चचेरे भाई और असम पुलिस के अधिकारी संदीपन गर्ग भी शामिल हैं।
मानस रॉबिन का बयान इस जांच के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिनसे जुबीन की मौत के पीछे की सच्चाई उजागर हो सकती है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये सबूत क्या हैं और किस दिशा में जांच को आगे बढ़ाएंगे।
जुबीन गर्ग की मौत के मामले में पहले भी कई आरोप और विवाद सामने आए हैं। उनके बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी ने आरोप लगाया था कि जुबीन को उनके मैनेजर और कार्यक्रम आयोजक ने जहर दिया था। इसके बाद से इस केस की जांच और गहराई से की जा रही है।
जुबीन गर्ग की मौत के मामले में जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। एसआईटी ने अब तक 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की हैं, और लगातार नए सुराग जुटाए जा रहे हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने जांच एजेंसियों को साफ निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी तरह पारदर्शी और जल्दी पूरी की जाए, ताकि जुबीन के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।