
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर मुंबई के जुहू इलाके में हुए जानलेवा हमले को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। रविवार को फुटबॉल मैच खेलकर लौट रहे टाइगर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गई थींं। जिसके बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। इस मामले में मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शुरुआती जांच को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम जानकारियां शेयर की।
पुलिस के मुताबिक, इस सनसनीखेज हमले का मुख्य मकसद फिल्म इंडस्ट्री में दहशत फैलाना और रंगदारी (फिरौती) वसूलना हो सकता है मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना से पहले टाइगर श्रॉफ या उनके परिवार को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह या किसी अन्य की तरफ से कोई भी धमकी भरा फोन या संदेश नहीं मिला था। अभिनेता के पास पहले से कोई आधिकारिक सुरक्षा (Security Cover) नहीं थी, जिसके चलते हमलावरों के लिए उन्हें ट्रैक करना आसान हो गया था।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया। पकड़े गए इन तीन आरोपियों में से दो हरियाणा के और एक बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है, और इनमें कोई भी नाबालिग शामिल नहीं है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद भी करीब 15 मिनट तक घटनास्थल के आसपास ही मौजूद रहे थे।
इस बीच, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार रात को टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुंचकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान अभिनेता ने साफ किया कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उन पर यह हमला क्यों किया गया?
इस घटना के बाद से मुंबई पुलिस ने न केवल टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा बढ़ा दी है, बल्कि एहतियात के तौर पर अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों और पोस्टों की भी बारीकी से जांच कर रही है जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस साजिश के पीछे के सभी चेहरों और मुख्य मास्टरमाइंड को बेनकाब कर दिया जाएगा।