
Dhurandhar 2 Udaybir Sandhu Bathroom Scene: फिल्मों में अक्सर बड़े सितारों की चर्चा ज्यादा होती है, लेकिन कई बार किसी सपोर्टिंग कलाकार का एक सीन ही पूरी फिल्म की दिशा बदल देता है। ऐसा ही कुछ हुआ फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' में पिंडा का किरदार निभाने वाले उदयबीर संधू के साथ। इस फिल्म के इंटरवल से पहले आने वाला उनका बाथरूम सीन दर्शकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
फिल्म के रिलीज होते ही जहां रणवीर सिंह की दमदार भूमिका की तारीफ हो रही है, वहीं उदयबीर संधू का किरदार भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बना रहा है। खासतौर पर वह सीन जिसमें पिंडा अपने पुराने दोस्त जस्कीरत के बदले रूप को पहचानने की कोशिश करता है और कहानी अचानक रोमांचक मोड़ ले लेती है, दर्शकों को चौंका देता है।
उदयबीर संधू ने हाल ही में फरीदून के साथ एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि फिल्म का ये बाथरूम वाला सीन उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। ये सिर्फ एक सामान्य सीन नहीं था, बल्कि कहानी का अहम मोड़ था। इस सीन की शूटिंग के दौरान उन पर इतना मानसिक दबाव था कि वे लगातार तीन रात तक ठीक से सो भी नहीं पाए।
उन्होंने बताया कि शूटिंग खत्म होने के बाद उन्होंने निर्देशक आदित्य धर से पूछा कि उनका प्रदर्शन कैसा रहा। इस पर निर्देशक का जवाब था कि उन्हें अभी अंदाजा ही नहीं है कि उन्होंने कितना प्रभावशाली काम किया है। यह प्रतिक्रिया उनके लिए बड़ी प्रेरणा साबित हुई।
पिंडा का किरदार एक जटिल मानसिक स्थिति से गुजरते व्यक्ति का था। ऐसे में इस भूमिका को वास्तविक दिखाने के लिए उदयबीर ने खुद को उसी माहौल में ढालने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उनकी घबराहट और बेचैनी कहीं न कहीं किरदार को और प्रभावी बनाने में मददगार साबित हुई।
यही वजह रही कि यह सीन फिल्म के सबसे चर्चित दृश्यों में शामिल हो गया। सोशल मीडिया पर भी दर्शकों ने इस सीन की खूब तारीफ की और इसे फिल्म के टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा।
कम ही लोग जानते हैं कि उदयबीर संधू सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल की दुनिया से अभिनय की ओर उनका सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने जुनून के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'गोल्ड' से की थी, जिसमें उन्होंने अक्षय कुमार के साथ काम किया। इसके बाद वह अमर सिंह चमकीला में नजर आए और पंजाबी सिनेमा में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
उदयबीर संधू का मानना है कि फिल्मों में भूमिका छोटी या बड़ी नहीं होती, बल्कि उसका प्रभाव महत्वपूर्ण होता है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में उनका किरदार इसी बात का उदाहरण बनकर सामने आया है।