Vinod Khanna Feroz Khan Death Anniversary: विनोद खन्ना और फिरोज खान की दोस्ती फिल्म इंडस्ट्री में उनके जाने के बाद भी फेमस है। ये इतने जिगरी दोस्त थे कि इनकी किस्मत भी एक सी बनी, दोनों ने एक ही तारीख को दुनिया को कहा अलविदा। जानें पूरी कहानी।
Vinod Khanna Feroz Khan Death Anniversary: 80 के दशक में एक फिल्म आई थी 'दयावान' जिसमें विनोद खन्ना, फिरोज खान और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिकाओं में नजर आये थे। फिल्म में दिनोद खन्ना और फिरोज खान जिगरी यार दिखाए गए थे। लेकिन क्या आपको पता है रील लाइफ ही नहीं, रियल लाइफ में भी दोनों पक्के दोस्त थे। एक दूसरे के लिए जान देने वाले दोस्त। बता दें कि दोनों की दोस्ती 1979 में शुरू हुई थी। इनकी दोस्ती इतनी गहरी थी कि इनकी किस्मत भी एक सी हो गई थी। मानों किस्मत भी इनको एक सा सबकुछ देना चाहती हो। और हुआ भी कुछ ऐसा ही, बॉलीवुड के दो दिग्गज कलाकारों की मौत एक ही तारीख और एक ही बीमारी से हुई। आइये जानते हैं पूरी कहानी।
आज यानी 27 अप्रैल को फिरोज खान और विनोद खन्ना की पुण्यतिथि (Vinod Khanna Feroz Khan Death Anniversary) है। आपको बता दें कि ये एक इत्तेफाक ही है कि इन दोनों दिग्गज कलाकारों की मौत की तारीख एक ही थी, बस साल अलग-अलग थे। विनोद खन्ना ने साल 2017 को अपनी अंतिम सांस ली थी, वहीं फिरोज खान ने साल 2009 में दुनिया को अलविदा कहा था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विनोद खन्ना और फिरोज खान की मौत एक जैसी बीमारी से हुई थी। दोनों को ही कैंसर था। विनोद खन्ना ब्लैडर कैंसर था तो वहीं फिरोज खान को फेफड़े का कैंसर यानी लंग कैंसर था।
आपको जानकार हैरानी होगी कि फिरोज खान और विनोद खन्ना की दोस्ती और मौत के बीच एक और संयोग जुड़ा हुआ है और वो ये है कि फिरोज खान ने पत्नी सुंदरी से 1985 में तलाक लिया था और विनोद खन्ना और गीतांजली का तलाक भी इसी साल हुआ था।
साल 1976 में एक फिल्म आई थी जिसका नाम था 'शंकर शंभू' जिसमें फिरोज खान और विनोद खन्ना ने साथ काम किया था। फिल्म में दोनों की जोड़ी को दर्शकों का खूब प्यार मिला था। इसके बाद 1980 में फिरोज खान निर्देशित फिल्म 'कुर्बानी' में विनोद खन्ना और जीनत अमान ने मुख्य भूमिका निभाई। साथ ही फिल्म में फिराज खान ने भी अहम किरदार निभाया था। दोनों की ये फिल्म भी सुपर-डुपर हिट साबित हुई थी और इस फिल्म के बाद दोनों की दोस्ती और ज्यादा मजबूत हो गई थी। लेकिन एक दौर ऐसा भी आया जब दोनों अलग हो गए थे। दरअसल, हुआ यूं कि 'कुर्बानी' के बाद फिराज खान, विनोद खन्ना को अपनी फिल्म 'जांबाज' में लेना चाहते थे। मगर तब तक विनोद खन्ना ने सन्यास ले लिया था और वो घर-बार छोड़कर सन्यासी बन गए थे। हालांकि, सालों बाद विनोद ने फिरोज खान की दयावान (1988) से बॉलीवुड में कमबैक किया था।