
Vivek Sinha Reacts To Dhurandhar 2 Controversy: देशभक्ति और जासूसी थ्रिलर फिल्मों का क्रेज इन दिनों दर्शकों के बीच काफी बढ़ गया है। इसी कड़ी में आई फिल्म 'धुरंधर' और और इसके सीक्वल 'धुरंधर 2' लगातार चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म में छोटे लेकिन असरदार किरदार निभाने वाले अभिनेता विवेक सिन्हा इन दिनों सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बन गए हैं। वजह है उनका फिल्म में निभाया गया एक आतंकी का रोल, जिस पर उन्हें कुछ लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ी।
दरअसल, विवेक सिन्हा ने फिल्म में एक खतरनाक हाईजैकर का किरदार निभाया था, जिसने अपनी धमकी भरी बातों से दर्शकों पर गहरा असर छोड़ा। हालांकि उनकी दमदार एक्टिंग की खूब तारीफ भी हुई, लेकिन कुछ दर्शकों को यह किरदार पसंद नहीं आया। खासकर एक महिला दर्शक ने उन्हें सोशल मीडिया पर संदेश भेजकर सवाल उठाया कि एक हिंदू होते हुए उन्होंने ऐसा किरदार क्यों स्वीकार किया।
इस आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक सिन्हा ने बेहद सधे हुए शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि फिल्मों का उद्देश्य समाज की सच्चाइयों को दिखाना होता है। अगर किसी कहानी में एक खतरनाक आतंकी का चरित्र है, तो उसे वास्तविकता के करीब दिखाना जरूरी होता है।
उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब फिल्म में किसी अपराधी या आतंकवादी की मानसिकता दिखानी होती है, तो कलाकारों को वही भूमिका निभानी पड़ती है। अगर हर नकारात्मक किरदार के लिए असली अपराधियों को बुलाया जाए, तो फिल्म बनाना असंभव हो जाएगा। उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने उनके पक्ष में समर्थन भी जताया।
विवेक सिन्हा का किरदार भले ही स्क्रीन पर ज्यादा देर नहीं रहा, लेकिन उसकी परफॉर्मेंस दर्शकों का ध्यान खींच लिया। यही वजह है कि फिल्म रिलीज होने के बाद भी उनके किरदार को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही।
फिल्म रणवीर सिंह की मुख्य भूमिका वाली यह जासूसी थ्रिलर भारतीय एजेंट की कहानी पर आधारित है, जो दुश्मन देश के अपराध और राजनीति से जुड़े नेटवर्क में घुसकर आतंकवाद के खिलाफ मिशन को अंजाम देता है। फिल्म की कहानी में कई वास्तविक घटनाओं से प्रेरित घटनाक्रम भी शामिल किए गए हैं, जिसने इसे और भी दिलचस्प बना दिया।
सीक्वल में दिखाया गया है कि कैसे मुख्य किरदार दुश्मन के गढ़ में रहकर आतंक के नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति बनाता है। फिल्म में अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, आर माधवन, राकेश बेदी और संजय दत्त जैसे कलाकारों की मौजूदगी ने कहानी को और मजबूत बनाया है।
फिल्म में निभाए गए किरदार को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कलाकारों को उनके निभाए गए रोल के आधार पर आंका जाना चाहिए? वहीं विवेक सिन्हा के जवाब ने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। कई लोग इसे अभिनय की स्वतंत्रता का समर्थन मान रहे हैं, जबकि कुछ दर्शक अब भी इस मुद्दे पर अलग राय रखते हैं।