बॉलीवुड

रावण बने यश को इस मशहूर एक्टर ने दी अपनी आवाज! लोग हुए दीवाने, कभी हकलाने का उड़ता था मजाक

Yash in Ramayana: नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में साउथ स्टार यश ने रावण का किरदार निभाया है। रिलीज के बाद लोग उनकी आवाज और एक्टिंग की तारीफ कर रहे हैं। उन्हें आवाज टीवी एक्टर ने दी है।
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Updated: 5 Nov 2026, 10:41 AM IST
Sharad Kelkar voice for Yash in Ramayana
यश के रावण किरदार को रामायण में टीवी एक्टर ने दी अपनी आवाज (Photo Source- Twitter/@cinema_shee_007)

Sharad Kelkar voice for Yash in Ramayana: रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म 'रामायण' (Ramayana) आज यानी 5 नवंबर को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म को लेकर लोगों ने रिएक्शन भी देने शुरू कर दिए हैं। जहां एक तरफ रणबीर कपूर ने भगवान राम की भूमिका निभाई है वहीं रावण का किरदार साउथ स्टार यश ने निभाया है। ऐसे में अब सोशल मीडिया पर यश की एक्टिंग और उनकी आवाज की जमकर तारीफ हो रही है। 'रावण' का दमदार किरदार निभा रहे केजीएफ फेम सुपरस्टार यश (Yash) के हिंदी डायलॉग्स को शरद केलकर ने अपनी भारी-भरकम और रोबदार आवाज दी है, जिसे सुनकर दर्शक थिएटर्स और सोशल मीडिया पर उनके दीवाने हो गए हैं। लेकिन शरद की एक कहानी है जो कम ही लोग जानते हैं वह बचपन में हकलाते थे।

'बाहुबली' के बाद 'रामायण' में शरद केलकर की आवाज का जादू

यह पहला मौका नहीं है जब शरद केलकर ने अपनी जादुई आवाज से किसी बड़े किरदार में जान फूंकी हो। इससे पहले एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली' में प्रभास के लिए हिंदी डबिंग करके शरद ने पूरे देश को अपनी आवाज का मुरीद बना लिया था। अब 'रामायण' में यश के 'रावण' वाले अवतार के लिए उनकी आवाज ने किरदार के खौफ और आकर्षण को दोगुना कर दिया है।

शरद केलकर के इस वॉयस ओवर की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। कई फैंस का कहना है कि यश के स्क्रीन प्रेजेंस और शरद की बुलंद आवाज के कॉम्बिनेशन ने 'रावण' के किरदार को बेहद प्रभावशाली और रोंगटे खड़े कर देने वाला बना दिया है।

बचपन में हकलाने की बीमारी से जूझते थे शरद

आज जिस भारी, रोबदार और गंभीर आवाज की पूरी दुनिया दीवानी है, उसकी कहानी में एक गहरा संघर्ष छिपा हुआ है। शरद केलकर ने खुद कई इंटरव्यूज में खुलासा किया है कि बचपन में वह हकलाने (Stammering) की गंभीर समस्या से जूझते थे। स्कूल और शुरुआती दिनों में लोग उनके बोलने के तरीके का मजाक उड़ाया करते थे, जिसके चलते उनमें आत्मविश्वास की कमी हो जाती थी।

हालांकि, शरद ने अपनी इस कमजोरी को कभी अपनी नियति नहीं बनने दिया। उन्होंने कड़ी मेहनत, निरंतर स्पीच थेरेपी और वॉयस एक्सरसाइज के जरिए अपनी हकलाहट पर पूरी तरह काबू पाया। टीवी इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शरद ने धीरे-धीरे बॉलीवुड और वॉइस ओवर की दुनिया में अपना एक छत्र राज कायम किया। आज वही आवाज उनकी सबसे बड़ी ताकत और पहचान बन चुकी है, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन डबिंग आर्टिस्ट्स की कतार में ला खड़ा किया है।

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5 Nov 2026, 10:41 AM IST
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