
Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं में करीब चार साल पुराने पति की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत ने मृतक की पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले के दूसरे आरोपी बबलू यादव को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव भद्रावल का है। मृतक के भाई आराम सिंह ने 9 जनवरी 2021 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 8 जनवरी की रात उनके भाई दीनदयाल (45) घर में सो रहे थे। देर रात अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खुलवाकर जब परिजन अंदर पहुंचे तो दीनदयाल चारपाई पर खून से लथपथ पड़े थे। उनके सिर में गोली लगी थी, जबकि घर का पिछला दरवाजा खुला मिला।
पुलिस जांच के दौरान मामले में कई अहम सुराग मिले। विवेचना के आधार पर दीनदयाल की पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु और बबलू यादव को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर मामला अदालत में भेज दिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता ने पक्ष रखा। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने पत्नी पूजा को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
वहीं, सहआरोपी बबलू यादव के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए जा सके। इसी आधार पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
करीब चार साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत के इस फैसले से मामले का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरा हो गया। यह फैसला एक बार फिर बताता है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में अदालत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर ही अंतिम निर्णय देती है।