बुलंदशहर

बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहे युवक को देख खौल उठा था मां का खून, 72 वर्ष की उम्र में मिली आजीवन कारावास की सजा

करीब 11 साल पहले बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहे युवक को देख मां का खून खौल उठा था। मां ने बेटी को बचाने के लिए कुल्हाड़ी उठाई और युवक के दो टुकड़े कर दिए। कानूनी लड़ाई में बेटी को बचाने वाली 72 साल की मां को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

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बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के जनपद न्यायालय ने 72 साल की महिला को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं कोर्ट ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला जिले के थाना अनूपशहर के एक गांव का है। जहां आज से 11 साल पहले यानी 2010 में बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहे युवक को देख मां का खून खौल उठा था। मां ने बेटी से हुई छेड़छाड़ का बदला लेने के लिए कुल्हाड़ी से युवक की हत्या कर दी थी। कानून का शिकंजा कसने पर मां को सलाखों के पीछे जाना पड़ा। 11 साल तक न्यायालय में मुकदमा चला। एडीजे-प्रथम ने हत्या की आरोपी महिला को सिद्ध दोषी मानते हुए आजीवन कारावास सजा सुनाई।

कुल्हाड़ी से कर दिए थे दो टुकड़े

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मनुराज बहादुर ने बताया कि एक अगस्त 2010 को एक महिला ने तहरीर देकर बताया था कि गांव का युवक प्रवीण घर में घुसकर बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। विरोध करने पर भी जब आरोपित नहीं माना तो उसने घर में रखी कुल्हाड़ी से युवक पर वार कर दिया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इस मामले में दो अगस्त को युवक की बुआ ने भी तहरीर दी थी। जिसमें कहा था कि एक अगस्त की शाम को प्रवीण खाना खाकर टहलने गया था। जिस युवती से उसका प्रेम प्रसंग था, उसकी मां ने इसके विरोध में प्रवीण की हत्या की है।

सबूतों के आधार पर मिली सजा

पुलिस ने दोनों तहरीरों के आधार पर जांच की और मां को आरोपी मानते हुए मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम कर दिया। चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई। गवाह और सबूतों के आधार पर एडीजे-प्रथम राजेश्वर शुक्ला ने 72 वर्षीय आरोपित महिला को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Published on:
19 Oct 2021 04:27 pm
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