एन्टी रोमियो स्क्वॉयड के निष्क्रिय होने से बुलंद है शोहदों के हौसले
बुलंदशहर. महिला सुरक्षा और क्राइम कंट्रोल के नाम पर सत्ता में आई सूबे की योगी सरकार के सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हालात ये है कि बेटिया शोहदों के डर से मौत को गले लगाने पर मजबूर हो रही है। ताजा मामला बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र के बराल गांव का है। यहां एक स्कूल की छात्रा ने दबंग शोहदों की छेड़छाड़ से तंग आकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर डाली। दरसल, छात्रा के साथ गांव के ही कुछ शोहदे पिछले काफी समय से छेड़छाड़ कर रहे थे। छेड़छाड़ की बात जब छात्रा ने घर मे बताई तो उसके परिजनों ने स्कूल जाना बंद करा दिया। लेकिन छात्रा अपनी पढ़ाई को रोकना नहीं चाहती थी। लिहाजा, वह माता-पिता को बिना बताए बुधवार को स्कूल चली गई। इस दौरान उन शोहदों ने फिर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसके बाद अपने साथ हुई छेड़छाड़ से आहत नाबालिग छात्रा ने जहर खा लिया। छात्रा के जहर खाने का पता चलते ही परिजन उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। वहीं, छटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसपी देहात रईस अख्तर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। एसपी देहात रईस अख्तर भले ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे हों।मगर एक बड़ा सवाल यह है के जनपद का एन्टी रोमियो स्क्वॉयड कहां सोया हुआ है, जो जनपद में छात्राओं को शोहदों की छेड़छाड़ से तंग होकर आत्महत्या करनी पड़ रही है। यह एक बड़ा सवाल है।
गौरतलब है कि सूबे की कमान संभालने के साथ ही बीजेपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन किया था । इस स्क्वॉयड का काम महिलाओं और लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शोहदों पर कार्रवाई करके उनको सलाखों के पीछे डालना था। लेकिन ताजा हालात देखने के बाद तो यही कहा जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही बेटियों की सुरक्षा को लोकर कितने भी गंभीर क्यों न हो। मगर लगता नहीं है कि योगी की पुलिस को उनकी गंभीरता का ज़रा भी ऐहसास है।