Bulandshahr Bakrid Namaz controversy: बुलंदशहर में नमाजियों को रोके जाने पर सपा के पूर्व विधायक अपने समर्थकों के साथ ईदगाह पहुंच गए। उन्होंने नमाजियों को रोके जाने का विरोध किया। इस पर सीओ ने उन्हें मौके से चले जाने के लिए कहा, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
Video of Former MLA-CO Bakrid Namaj Goes Viral: बुलंदशहर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद हो गया। जब प्रशासन में नमाजियों को ईदगाह के अंदर जाने से रोक दिया। जहां नमाजियों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। नमाजियों को रोके जाने की खबर मिलते ही सपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने नमाजियों को रोके जाने पर आपत्ति दर्ज की। पूर्व विधायक का कहना था कि नमाजियों को नमाज पढ़ने के लिए जाने दिया जाए। इस पर क्षेत्राधिकारी ने पूर्व विधायक को हाथ जोड़कर मौके से जाने के लिए कहा। जिसका लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला जहांगीराबाद ईदगाह की है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के जहांगीराबाद ईदगाह में ईद की नमाज पढ़ने के लिए बड़ी संख्या में नमाजी पहुंच रहे थे। सुबह के 7:30 बजे ईदगाह पूरी तरह से भर गया था। इस पर प्रशासन ने नमाजियों को बेरीकेडिंग लगाकर अंदर जाने से रोक लिया। इसकी जानकारी मिलने पर सपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और नमाजियों को ईदगाह के अंदर जाने की वकालत करने लगे। इस पर मौके पर मौजूद सीओ से उनकी बातचीत हुई। होशियार सिंह ने क्षेत्राधिकारी को अपना परिचय दिया।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी ने बताया कि जहांगीराबाद ईदगाह में ईद की नमाज अदा की जा रही थी। 7:30 बजे ईदगाह पूरी तरह से भर चुका था। नमाज बाहर खड़ी थी। नमाजियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई थी। सपा के पूर्व विधायक होशियार सिंह और जहांगीराबाद के ब्लॉक प्रमुख दीपक खालोर के साथ उनके समर्थक बैरिकेडिंग तोड़कर आगे जाने लगे। जिन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया, सपा के पूर्व विधायक नमाजियों को भड़का रहे थे। उनके पद और उम्र को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मान सहित जाने के लिए कहा गया।
क्षेत्राधिकारी ने कहा कि इस मौके पर सपा के पूर्व विधायक ने अपना परिचय दिया। उन्होंने भी जनप्रतिनिधि और उम्र का ख्याल रखते हुए उन्हें सम्मान दिया और उन्हें समझाया गया, लेकिन होशियार सिंह लोगों को भड़का रहे थे। पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोका और भीड़ को आगे की मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए भेज दिया गया।