बुलंदशहर

सीने से गले तक घुसा बच्चे के 4 फीट का सरिया, क्रिकेट खेलते समय हुआ हादसा

Bulandshahr News : बुलंदशहर में एक रूह कंपा देने वाला हादसा हो गया। निर्माणाधीन मकान में बॉल उठाने गए 10 साल के मासूम के सीने से गले तक 4 फीट का सरिया आर-पार हो गया।
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बच्चे के गले से सीने तक घुसा सरिया, PC- X

बुलंदशहर : होनी और अनहोनी के बीच महज चंद इंच का फासला होता है, इसका साक्षात प्रमाण बुलंदशहर के मिर्जापुर गांव में देखने को मिला। शनिवार सुबह क्रिकेट खेलते समय एक 10 वर्षीय मासूम निर्माणाधीन मकान के पिलर पर गिर गया। हादसा इतना खौफनाक था कि पिलर से निकला लोहे का सरिया बच्चे के सीने को चीरता हुआ गले के आर-पार निकल गया। लेकिन, कुदरत का करिश्मा देखिए, शरीर में 4 फीट का सरिया घुसा होने के बावजूद बच्चा न केवल होश में रहा, बल्कि लगातार परिजनों से बात भी करता रहा।

खेलते समय बॉल उठाने गया था बच्चा

जानकारी के अनुसार, पेशे से बिजली फिटिंग का काम करने वाले राजकुमार का 10 वर्षीय पुत्र ऋषभ तीसरी कक्षा का छात्र है। शनिवार को छुट्टी होने के कारण वह घर के बाहर दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद पास के एक निर्माणाधीन मकान में चली गई। ऋषभ जब गेंद उठाने अंदर गया, तो अचानक पैर फिसलने से वह सीधे पिलर से निकली लंबी सरियों पर जा गिरा। एक सरिया उसके सीने के ऊपरी हिस्से से घुसकर गर्दन को पार कर गई।

गैस कटर से काटा सरिया, बच्चा बोलता रहा

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मां अनीता और ग्रामीणों ने जब ऋषभ को इस हालत में देखा तो रूह कांप गई। तत्काल मौके पर गैस कटर मंगवाया गया। धधकती चिंगारियों के बीच बेहद सावधानी से सरिये के निचले हिस्से को काटकर पिलर से अलग किया गया।

करीब 4 फीट लंबे सरिये के साथ ही मासूम को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतना बड़ा घाव होने के बाद भी शरीर से अधिक खून नहीं बहा और बच्चा पूरी तरह सचेत था।

सुबह 10 बजे हुआ हादसा

सुबह 10 बजे के आसपास हादसा हुआ, ग्रामीणों ने गैस कटर से सरिया काटकर बच्चे को मुक्त कराया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख हायर सेंटर रेफर किया। नोएडा के बाद मासूम को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।

बच्चे का होश में रहना चमत्कार से कम नहीं

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि सरिया जिस जगह से पार हुआ, वहां कई महत्वपूर्ण नसें होती हैं। बच्चे का होश में रहना और बात करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ऑपरेशन के जरिए सरिया निकालने और अंदरूनी अंगों को सुरक्षित बचाने के प्रयास में जुटी है।

रिहायशी इलाकों में निर्माणाधीन मकानों में पिलर की सरियों को खुला छोड़ना जानलेवा साबित हो रहा है। अगर इन सरियों के ऊपरी हिस्से पर लकड़ी के गुटके या कैप लगाए जाएं, तो ऐसे हादसों की गंभीरता को कम किया जा सकता है। परिजनों को भी बच्चों के खेलकूद के दौरान आसपास के खतरों के प्रति सचेत रहने की जरूरत है।

Updated on:
21 Mar 2026 04:49 pm
Published on:
21 Mar 2026 04:47 pm