बढ़ते संक्रमण को देखते हुए किया गया निर्णय, हापुड़ के ब्रजघाट और बुलंदशहर के अनूप शहर में फोर्स रही तैनात केवल अस्थिया प्रवाहित करने की रही छूट
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
बुलंदशहर bulandshar कोरोना संक्रमण Corona virus के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए वैशाख मास के गंगा स्नान पर प्रतिबंध रहा। इसके लिए बुलंदशहर के अनूपशहर और हापुड़ के बृजघाट पर पुलिस बल तैनात रहा। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को वापस लौटना पड़ा।
दरसल लगातार संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है और ऐसे में गंगा स्नान से संक्रमण और फैल सकता था। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने गंगा स्नान पर रोक लगाने का निर्णय किया और सोमवार शाम को ही बुलंदशहर हापुड़ बागपत के घाटों समेत समेत अन्य स्थानों पर पुलिस up police बल तैनात कर दिया। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सोमवार से ही एंट्री बंद कर दी गई थी और जो लोग पहले से वहां पहुंच गए थे उन्हें भी पुलिस बल ने वापस कर दिया।
अनूपशहर सीओ रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को आने वाली भीड़ के मद्देनजर सोमवार को ही फोर्स तैनात कर दिया गया था। जो भी श्रद्धालु आ रहे थे उन सभी को वापस किया जा रहा था। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे लेकिन उन सभी को वापस कर दिया गया और स्पष्ट कह दिया गया कि स्नान पर रोक है। कोरोना वायरस को देखते हुए किसी को भी स्नान करने की छूट नहीं दी जाएगी। हालांकि इस दौरान अस्थि विसर्जन और अंतिम संस्कार करने आने वाले लोगों के लिए छूट रही लेकिन उन्हें भी गंगा स्नान नहीं करने दिया गया।
उधर गढ़ में भी भारी पुलिस बल तैनात रहा एसडीएम गढ़ विजय वर्धन ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आ रहे थे लेकिन सभी को रोक दिया गया है और संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी को वापस किया जा रहा है।
उत्तराखंड में प्रवेश पर पहले से ही लगी है रोक
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करने के लिए पहले से ही रोक लगी हुई है। उत्तराखंड जाने के लिए आपको काम और इसके साथ-साथ अपनी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना भी जरूरी होता है। अब मंगलवार को स्नान के मद्दे नजर उत्तराखंड बॉर्डर पर और सख्ती कर दी गई और हरिद्वार की ओर जाने वाले सभी लोगों को रोक दिया गया।