ककोड़ थाना क्षेत्र में सांप के काटने पर सपेरे ने किया ऐसा इलाज जिसे देख कांप उठेगी आपकी रूह
बुलंदशहर. अगर किसी को सांप काट ले तो आप क्या करेंगे? उसे अच्छे से अच्छे अस्पताल ले जाकर बेहतर इलाज दिलाने के साथ पीड़ित के शरीर से जहर निकलवाने का प्रयास करेंगे या पीड़ित को अंधविश्वास के सहारे ठीक कराने की कोशिश करेंगे। जी हां, जिला बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल, यहां एक महिला को सांप ने काट लिया था, लेकिन परिजनों ने उसका इलाज कराने के बजाय एक सपेरे के कहने पर भैंस के गोबर में दबा दिया और इस तरह उस महिला की तड़प—तड़पकर मौत हो गई।
बुलंदशहर के ककोड़ थाना क्षेत्र के वैर की रहने वाली देवीन्द्री अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन, देवीन्द्री के साथ जो हुआ और फिर उसके बाद जो किया गया वह साइंस के जमाने में देश और समाज को ये बताने के लिए काफी है कि अभी भी लोगों में जागरुकता की बहुत कमी है। राजधानी दिल्ली से महज 70 किलोमीटर दूर बुलंदशहर के वैर में सांप काटे का जिस तरह इलाज किया गया वह देखेंगे तो आपकी भी रूह कांप उठेगी। दरअसल, 35 वर्षीय देवीन्द्री घर से कुछ ही दूरी पर लगी आरा मशीन से चूल्हे पर खाना बनाने के लिए लकड़ियां लेने गई थी और अचानक लकड़ियों के पीछे छिपे सांप ने देवीन्द्री को डंस लिया। सांप के काटने की बात देवीन्द्री ने जब अपने पति मुकेश को बताई तो घर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। लेकिन, किसी ने भी देवीन्द्री को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना बेहतर नहीं समझा और इलाज के लिए एक सपेरे को बुला लिया।
सपेरे ने दावा किया कि वह किसी भी जहरीले जानवर का जहर आसानी से निकाल सकता है। इसके बाद सपेरे के कहने पर परिजन और पड़ोसियों ने देवीन्द्री गोबर में दबा दिया। इस तरह कई घंटे तक देवीन्द्री गोबर में दबी रही और आखिरकार देवीन्द्री की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। अब सवाल ये उठाता है कि देवीन्द्री को गोबर में दबाककर खुद को सपेरा बताने वाला युवक देवीन्द्री का कौन सा इलाज कराना चाहता था? आज के इस दौर में भी ऐसे लोगों पर कैसे यकीन किया जा सकता है। अगर समय रहते देवीन्द्री का इलाज कराया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।