बुलंदशहर

यूपी में अब पुलिस वाले भी नहीं हैं सुरक्षित, जाने किसने खाकी पर बरसाए घूंसे

इंस्पेक्टर ने दो कांस्टेबलों पर लगाया मामूली कहासुनी में मारपीट का आरोप।
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Updated: 5 May 2018, 9:41 AM IST
Bulandshahr

बुलंदशहर। योगी सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले अपराध मुक्त प्रशासन का दावा किया था और इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी अपनी छवी सुधारने की हिदायत दी थी। लेकिन आए दिन सूबे की पुलिस अपने किसी ना किसी कारनामे की वजह से चर्चाओं में रहती है। इस बार सूबे के बुलंदशहर जिले से बेकाबू पुलिस का अमानविय चेहरा सामने आया है। जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यूपी पुलिस के दो कांस्टेबलों ने मामूली कहासुनी पर एक इंस्पेक्टर के साथ इतनी बुरी तरह से मारपीट की इंस्पेक्टर की आंखों की रोशनी जाने की नौबत आ गई है।

जानकारी के अनुसार बुलंदशहर के खुर्जा न्यू शिवपुरी कालोनी निवासी एश्वर्य अत्री आबकारी इंस्पेक्टर हैं। उनकी पोस्टिंग फिलहाल गाजियाबाद में है। एश्वर्य अत्री गाजियाबाद से डयूटी कर अपनी गाड़ी से से घर लौट रहे थे। लेकिन तभी खुर्जा बस अड्डे पर उनकी एक ई-रिक्शा चालक से किसी बात को लेकर बहस हो गई। मामूली कहासुनी जल्द ही हाथापाई में बदलने की नौबत आ गई। तभी दो सिपाही वहां पहुंचे और आबकारी इंस्पेक्टर से उलझ गए। आबकारी इंस्पेक्टर एश्वर्य अत्री का आरोप है कि सिपाहियों ने इंस्पेक्टर के साथ मारपीट की। इंस्पेक्टर ने अपना परिचय पत्र भी दिखाया लेकिन पुलिसकर्मी बाज नहीं आए और पुलिस वालों ने उन्हें इतना पीटा उसकी एक आंख की रोशनी 50 पर्सेंट से ज्यादा चली गई। इतना ही नहीं उनका आरोप है कि सिपाहियों ने जाते समय उन्हें भुगत लेने की धमकी भी दी।

मारपीट से घायल इंस्पेक्टर कोतवाली पहुंचे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर इंस्पेक्टर शुक्रवार को एसएसपी से मिलने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। इतना ही नहीं इंस्पेक्टर का कहना है कि इस मामले को लेकर उन्होंने सीएम योगी और यूपी डीजीपी को ट्वीट कर भी शिकायत की है।

इस घटना में कौन सही है ये तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यूपी पुलिस की छवी पर दाग लगा दिए हैं, कि जब पुलिस के जवान ही सुरक्षित नहीं है तो खाकी पहने से पहले शपथ लेने वाले आम जनता की हिफाजत कैसे करेंगे।

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