मुख्य बिंदु जिले में हर दिन 1 करोड़ 23 लाख रुपये की शराब और बीयर गटक जाते हैं लोग पिछले साल के मुकाबले बढ़ गया शराब पीने वालों का ग्राफ
बुलंदशहर। अक्सर शराब पीने को लेकर घरों में झगड़ा होने से लेकर मारपीट के मामले सामने आते रहते हैं। पति और बच्चों की शराब पीने की लत से परेशान होकर अलग अलग क्षेत्रों में महिलाएं ठेकों में तोडफ़ोड़ और आगजनी भी कर चुकी हैं। इसके बावजूद जिले में शराबियों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह खुलासा यूपी के बुलंदशहर जिले से आई आबकारी विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट की माने तो यहां लोग हर दिन एक करोड़ 23 लाख रुपये की शराब और बीयर पी जाते हैं। वहीं यह आंकड़ा 2017 के मुकाबले 2018 वित्त वर्ष में कम होने की जगह करोड़ो के हिसाब से बढ़ा है। पिछले साल हर दिन इतने करोड़ की शराब पी जाते थे लोग।
पिछले साल के मुकाबले 57 करोड़ ज्यादा की शराब गटक गये लोग
बुलंदशहर में आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष यानी 2018- 2019 में देसी- अंग्रेजी शराब और बीयर बेचकर सरकार को 452.06 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह आंकड़े सरकारी शराब और बीयर के ठेकों से लिये गये है। जिससे पता चला है कि जिले के लोग एक साल में 452.06 करोड़ रुपये की शराब पी गये। जबकि 2017 में यह आंकड़ा 395.39 करोड़ था। ऐसे में साफ है कि इस वित्त वर्ष लोगों ने पिछले साल के मुकाबले 57 करोड़ रुपये ज्यादा की शराब पी है।
जिले में करीब 20 लाख की आबादी, जारी कर दिये इतने ठेके
गौतमबुद्ध नगर से सटे बुलंदशहर जिले में पांच विधानसभा है। इनमें करीब 20 लाख से ज्यादा की आबादी है। इस आबादी के बीच जिले में 201 देसी शराब के ठेके, 93 अंग्रेजी शराब के ठेके और 102 बीयर के ठेके हैं। इनमें कुछ शराब की दुकानें ग्रामीण और ज्यादातर शहरी क्षेत्र में स्थित है।
हर दिन इतने करोड़ की शराब गटक जाते हैं लोग, महिलाएं कर चुकी है ठेकाें पर ताेड़फाेड़
जिला आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों पर नजर डाले, तो बुलंदशहर जिले में 2017 के मुकाबले 2018- 2019 वित्त वर्ष में हर दिन 123 करोड़ रुपये की शराब और बीयर की बिक्री हुई है। वहीं 2017 में प्रति दिन शराब बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ 8 लाख रुपये था। ऐसे में इस वित्त वर्ष हर दिन शराब और बीयर की बिक्री में 15 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही बता दें कि गाैतमबुद्ध नगर में महिलाएं पहले भी जेवर, दनकाैर, आगाहपुर समेत अन्य जगहाें पर ठेकाें में ताेड़फाेड़ कर चुकी हैं।