28 सितंबर को विवेक तिवारी की हत्या के आरोपी प्रशांत चौधरी पर इलाके के लोगों ने उठाए सवाल, रात में वसूली का लगाया आरोप
बुलंदशह। लखनऊ में 28 सितंबर की आधी रात को हुए गोलीकांड ने सूबे की पुलिसिया रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी तो उस वक्त भी हुई जब एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी पर गोली चलाने वाला सिपाही प्रशांत चौधरी खिलाफ एक्शन लेने के बजाय लखनऊ पुलिस उसे बचाने में लगी रही। आखिर क्यों पुलिस उसे तब तक बचाती रही औऱ मामले के सोशल मडीडिया और खबरों में आने के बाद पुलिस प्रशामन सक्रिय हुई। कई सवाल है जिनका उत्तर जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। लेकिन आइए जानते हैं उस आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी के बारे में...
प्रशांत चौधरी खुद को PK कहलवाता और उसके जानने वाले उसे पीके डॉन के नाम से जानते है। प्रशांत चौधरी बुलंदशहर का रहने वाला है। वह 2015 में पुलिस में भर्ती हुआ और उसके बाद बुलंदशहर की ही रहने वाली राखी मलिक जो कि उसी के साथ काम करती थी शादी कर ली। इस समय दोनों की तैनाती लखनऊं के गोमतीनगर थाने में ही है।
प्रशांत बड़ी-बड़ी मूछे रखकर खुद को सिंघम समझता था। बुलंदशहर में उसके इलाके के लोग उसे सिंघम ही बुलाते थे। साथ ही कुछ खबरों के मुताबिक जिस इलाके में प्रशांत की तैनाती है वहां वो और उशके साथी रात में वसूली भी किया करते थे। गोमतीनगर के स्थानीय लोगों का भी कहना है कि प्रशांत इलाके से गुजर रहे किसी भी लड़के-लड़की को साथ देखकर उन्हें रोक लेता और फिर उन्हें धमकी देता।
वहीं विवेक हत्याकांड के पूरे मामले की जांच एसआईटी को सैंप दी गई है। साथ ही डीएम ने एक महीने के अंदर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया है। जबकि पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। इससे पहले सीएम योगी ने भी मृतक विवेक के परिवारवालों से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतक विवेक तिवारी की पत्नी से कहा परिवार की हर जरूरत को सरकार पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारवाले जब चाहें तब उनसे मिल सकते हैं।