जिले में हुई अतिवृष्टि के चलते आपदा प्रबंधन सहायता नागरिक सुरक्षा विभाग एसडीआरएफ द्वारा यहां पर शिक्षा विभाग के प्रत्येक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व सीनियर सेकंडरी विद्यालय भवन व विभाग के कार्यालय की मरम्मत के लिए 25 करोड़ 8 लाख रुपए की स्वीकृति जारी हुई है।
हिण्डोली. जिले में हुई अति वृष्टि के चलते आपदा प्रबंधन सहायता नागरिक सुरक्षा विभाग एसडीआरएफ द्वारा यहां पर शिक्षा विभाग के प्रत्येक प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व सीनियर सेकंडरी विद्यालय भवन व विभाग के कार्यालय की मरम्मत के लिए 25 करोड़ 8 लाख रुपए की स्वीकृति जारी हुई है।
जानकारी अनुसार एसडीआरएफ द्वारा बूंदी जिले के हिण्डोली, बूंदी, तालेड़ा, नैनवां, केशवरायपाटन ब्लॉक में स्थित 1 हजार 254 सरकारी विद्यालय एवं कार्यालयों के लिए जिला कलक्टर द्वारा राशि स्वीकृत की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस राशि का उपयोग विद्यालय के प्रधानाचार्य की अनुशंसा पर किया जाएगा। यह कार्य 30 दिन में पूर्ण किया जाना है।
इन ब्लॉकों में होगी मरम्मत का कार्य
समग्र शिक्षा विभाग से मिली जानकारी अनुसार बूंदी पंचायत समिति में 217 काम के लिए 4 करोड़ 34 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं। हिण्डोली ब्लॉक के लिए 326 काम के लिए 6 करोड़ 52 लाख रुपए, तालेड़ा ब्लॉक के लिए 154 काम के लिए 3 करोड़ 8 लाख, नैनवां ब्लॉक में 276 काम के लिए 5 करोड़ 52 लाख एवं केवरायपाटन ब्लॉक में 281 काम के लिए 5 करोड़ 62 लाख रुपए कुल 25 करोड़ 8 लाख स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 109 का शहरी क्षेत्र के समग्र शिक्षा द्वारा करवाई जाएगा एवं शेष कार्य ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के माध्यम से होगा।
एसडीएमसी के माध्यम से हो मरम्मत का कार्य
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पदाधिकारी ने शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर स्कूलों में मरम्मत के लिए राशि का कार्य विद्यालय एसडीएमसी या एसएमसी से करवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी जिले के कई विद्यालय में समसा द्वारा बजट स्वीकृत किया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत क्षेत्र में बजट का उचित उपयोग नहीं हो पाया था। उन्होंने एसडीआरएफ द्वारा स्वीकृत राशि विद्यालय एसडीएमसी व एसएमसी से करवाने की मांग की। ताकि विद्यालय मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि का ईमानदारी से उपयोग हो सके।
बूंदी जिले के पांच ब्लाकों में 1254 कार्य के लिए 25 करोड़ 8 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। शीघ्र तकनीकी व वित्तीय स्वीकृति जिला कलक्टर द्वारा जारी की जाएगी। उसके बाद निर्धारित अवधि में मरम्मत के कार्य शुरू होंगे।
संदीप सक्सेना, कनिष्ठ अभियंता समसा।