
बूंदी. जिस दरबार में पहुंचकर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं, उसी मंशापूर्ण गणेश मंदिर की भी इन दिनों एक ही मनोकामना है गंदे पानी से मुक्ति। बालचंद पाड़ा स्थित प्राचीन मंशापूर्ण गणेश मंदिर परिसर में पिछले करीब तीन महीने से बरसाती नाले का गंदा और बदबूदार पानी भरा हुआ है। परिसर में पानी और गंदगी जमा होने से पुजारी के लिए पूजा करना तक मुश्किल हो गया है, वहीं श्रद्धालु मंदिर की परिक्रमा भी नहीं कर पा रहे हैं। मंदिर के आसपास गंदे पानी से उठती दुर्गंध और जमा कचरे ने आस्था के इस स्थल की तस्वीर बदल दी है। श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुजारी राघव शृंगी का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान तभी होगा, जब नाले को मंदिर से दूर डायवर्ट किया जाए या बालचंद पाड़ा से आने वाले गंदे पानी को बरसाती नाले से अलग किया जाए।
मंदिर के पास से गुजरने वाले बरसाती नाले में बालचंद पाड़ा के घरों का गंदा पानी भी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात से पहले नगर परिषद की ओर से नाले की सफाई कराई गई, लेकिन पूरी तरह सफाई नहीं होने से नाला फिर गंदगी से अट गया। बारिश के दौरान नाले का पानी ओवरफ्लो होकर मंदिर परिसर में पहुंच गया और तब से हालात लगातार बने हुए हैं।
राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी दिनेश सैनी ने बताया कि मंशापूर्ण गणेश मंदिर में गंदे पानी की समस्या कई सालों से चली आ रही है। हर बार सफाई और पानी निकासी के इंतजाम होते हैं, लेकिन समस्या दोबारा खड़ी हो जाती है। उनका कहना है कि अब नाले में पूरे साल गंदगी जमा रहती है। ऐसे में मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं। मंदिर में गंदा पानी आने से रोका जा सकेगा और श्रद्धालु भी बिना परेशानी दर्शन व परिक्रमा कर सकेंगे।
सभापति से मिलकर नाले को डायवर्ट करने की योजना बनाएंगे, ताकि मंदिर में गंदा पानी नहीं भरे और पुजारी व श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
विशाल शर्मा, वार्ड पार्षद