शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अब मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से जारी निर्देशों के बाद जिले में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। फिलहाल सभी केंद्रों पर एसएसओ पहचान पत्र के जरिए मैपिंग का कार्य चल रहा है।
बूंदी. शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से जारी निर्देशों के बाद जिले में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। फिलहाल सभी केंद्रों पर एसएसओ आईडी के जरिए मैङ्क्षपग का कार्य चल रहा है। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों की नियमित निगरानी आसान होगी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
अब तक कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाती थी। इस व्यवस्था में उच्च स्तर पर कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी करने में परेशानी आ रही थी। कई जगहों पर समय पर केंद्र नहीं खुलने और कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए विभाग ने डिजिटल मॉनिटङ्क्षरग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश जारी कर सात कार्य दिवस में नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश के अनुसार राज्य स्तर पर जिला स्तरीय पहचान क्रमांक जोडऩे का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब जिला स्तर पर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और शहरी नोडल अधिकारियों की डिजिटल पहचान जोड़ी जाएगी। इसके बाद आरोग्य मंदिरों में कार्यरत कर्मचारियों की डिजिटल आईडी तैयार की जाएगी। नई प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से दर्ज होगी। साथ ही सभी जिलों को इसकी पालना रिपोर्ट भी भेजनी होगी, ताकि राज्य स्तर पर इसकी समीक्षा की जा सके।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को मोबाइल एप के जरिए अपना चेहरा स्कैन कर उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यह एप तभी काम करेगा, जब कर्मचारी संबंधित अस्पताल या आरोग्य मंदिर की भौगोलिक सीमा के भीतर मौजूद होगा। इससे किसी अन्य स्थान से उपस्थिति दर्ज करने की संभावना खत्म हो जाएगी। विभाग का मानना है कि डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था लागू होने से समय पर केंद्र खुलना सुनिश्चित होगा और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। पहले ऑफलाइन रजिस्टर में केवल हस्ताक्षर के आधार पर उपस्थिति दर्ज होती थी, जबकि नई व्यवस्था में वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित हो सकेगी।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (शहरी) संदीप कुमार तेजिस्वी ने बताया कि जिले में कुल 11 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इनमें बूंदी शहर में 7 केंद्र तथा केशवरायपाटन, लाखेरी, इंद्रगढ़ और कापरेन में एक-एक केंद्र शामिल हैं। इन आरोग्य मंदिरों में डॉक्टर, मेल नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट और सहायक कर्मी तैनात हैं। यहां मरीजों का उपचार, नि:शुल्क दवा वितरण, बीपी और शुगर जैसी सामान्य जांच, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण, वेलनेस गतिविधियां, स्वास्थ्य योजनाओं का प्रचार-प्रसार तथा फील्ड सर्वे जैसे कार्य किए जाते हैं। केंद्रों का संचालन सुबह 8 से 12 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एप आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू होने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी। डिजिटल निगरानी के जरिए यह भी देखा जा सकेगा कि कौन कर्मचारी समय पर केंद्र पहुंच रहा है और कितनी देर तक ड्यूटी कर रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) निदेशक की ओर से इस संबंध में निर्देश प्राप्त हुए हैं। जिले में 11 आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं। फिलहाल एसएसओ आईडी के जरिए मैङ्क्षपग का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इससे कर्मचारियों की नियमित मॉनिटङ्क्षरग संभव होगी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
डॉ. ओ.पी. सामर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बूंदी