
बूंदी. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास शुक्रवार को बूंदी दौरे पर रहे। उन्होंने सबसे पहले देवपुरा स्थित साइबर थाने का निरीक्षण किया और इसके बाद कलक्ट्रेट सभागार में जल संचय-जल संवर्धन, ङ्क्षसचाई और पीएचईडी विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक ली। मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान का रिव्यू किया गया है, कार्य अच्छा चल रहा है। जिले में करीब 5500 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और सभी विभागों में गति है। ङ्क्षसचाई और पीएचईडी विभाग की स्कीमों का भी रिव्यू किया गया। राम जल सेतु लिंक परियोजना सहित कई मेजर प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है।
एक्वाडक्ट के प्रोग्रेस को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित विजिट के संदर्भ में भी देखा गया। उन्होंने बताया कि जल अर्पण कार्यक्रम के तहत 61 गांवों की पेयजल योजनाएं ग्राम पंचायतों को ट्रांसफर की गई हैं, जो रिकॉर्ड ट्रांसफर है। बूंदी में पेयजल व्यवस्था संतोषजनक है, हर 12 घंटे में पानी मिल रहा है। ङ्क्षसचाई स्कीमों की स्थिति भी अच्छी है। बूंदी सरप्लस वाटर डिस्ट्रिक्ट है, ओवरऑल काम अच्छा चल रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के विभिन्न चरणों की प्रगति की समीक्षा की और उपवन संरक्षक को वन विभाग के कार्यों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ङ्क्षहडोली-नैनवां, गरड़दा, नवनेरा पेयजल परियोजनाओं और ईआरसीपी के तहत कार्यों की प्रगति को और बढ़ाया जाए। जल जीवन मिशन के तहत गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्धता और ङ्क्षसचाई परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। कुछ भुगतान संबंधी इश्यू सामने आने पर उन्होंने टीम को साइट पर भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे, कार्यों का नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इससे पूर्व बूंदी पहुंचने पर मुख्य सचिव का जिला कलक्टर हरफूल ङ्क्षसह यादव, पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, एडीएम एच.डी.ङ्क्षसह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। पुलिस जवानों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया। बैठक में कार्यवाहक संभागीय आयुक्त व कोटा कलक्टर पीयूष समारिया, कोटा रैंज के आईजी हरेंद्र महावर भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने साइबर थाने में स्वागत कक्ष,अनुसंधान कक्ष का अवलोकन किया। दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति, कार्य प्रणाली, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी और विभिन्न पोर्टलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मेरा पांचवां साइबर थाना है। प्रधानमंत्री का महत्वपूर्ण फोकस एरिया है कि देश में साइबर क्राइम कम हो। राजस्थान के कुछ जिलों कोटा, अलवर, जयपुर, डीग में हाई साइबर क्राइम रेट है,उसकी तुलना में बूंदी में केस लोड कम है और हैंडङ्क्षलग अच्छी है, स्थिति संतोषजनक है। साइबर धोखाधड़ी में बैंकों और पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाकर और समय पर जानकारी साझा कर पीडि़तों की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है।
मुख्य सचिव के बूंदी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय रहा। दौरे से एक दिन पूर्व देवपुरा से कलक्ट्रेट तक आने वाली सडक़ पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सडक़ अन्य दिनों की अपेक्षा कहीं अधिक स्वच्छ और चमकीली दिखी। प्रशासन ने सडक़ किनारे उग रही झाडिय़ों को युद्धस्तर पर हटा दिया। इसके अतिरिक्त, सडक़ों पर बनी लाइनें भी नई रंगीन दिखीं, जिससे मार्ग की सुंदरता बढ़ गई। स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छोटीकाशी में हर दूसरे दिन किसी न किसी उच्चाधिकारी का दौरा होना चाहिए। इससे शहर की सफाई व्यवस्था लगातार बेहतर बनी रहेगी।