बूंदी

Rajasthan: हादसे में मृतकों और घायलों के परिवार को मिलेगा इतने लाख रुपए मुआवजा, 7 जनवरी तक बंद रहेगा एक्सप्रेस-वे

Bundi Accident Update: बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे ने कई श्रद्धालुओं की जिंदगी छीन ली और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बेकाबू ट्रक ने पदयात्रियों को अपनी चपेट में लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

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Jan 05, 2026
फोटो: पत्रिका

Compensation In Truck Overturned On Devotees: बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र में पापड़ी रेलवे फाटक के ओवर ब्रिज के पास रविवार दोपहर हुए हादसे के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में रोष फैल गया। सड़क पर हुए इस हादसे के बाद ग्रामीण घटना स्थल पर दौड़ पड़े और घायलों को निकालने के लिए ट्रक में भरी रुई को हटा कर हताहतों को तलाश कर बाहर निकालने लगे। बाद में क्रेन पहुंचने पर ट्रक को हटा कर घायलों को निकाला गया और एम्बुलेंस से देईखेड़ा व लाखेरी अस्पताल पहुंचाया।

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7 जनवरी तक बंद रहेगा एक्सप्रेस-वे

हादसे के बाद से मेगा हाइवे को जाम कर धरने पर बैठे ग्रामीणों व प्रशासन के बीच चली वार्ता के बाद शाम करीब सवा सात बजे मृतकों को लोकसभा अध्यक्ष व राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख व रिडकोर कम्पनी की ओर से ढाई लाख रुपए देने की घोषणा की गई। घायलों को 2-2 लाख की सहायता देने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सहमति जताई। साथ ही जिला कलक्टर ने एक्सप्रेस-वे के लबान टोल नाके को पैदल यात्रियों की आवाजाही तक बन्द रखने सहमति जताई।

पांच घंटे रहा जाम

गुस्साई भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी और हाइवे पर जाम लगा कर बैठ गए। ग्रामीणों ने मृतकों व घायलों को मुआवजा देने और एक्सप्रेस के वाहनों को मेगा हाइवे पर आने से स्थायी तौर पर बंद करने की मांग की। सूचना पर एसपी राजेन्द्र मीना, एएसपी उषा शर्मा, एडीएम बूंदी रामकिशोर, नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा रामभरोस मीणा और केशवरायपाटन एसडीएम मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।

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जाम नहीं हटने पर जिला कलक्टर अक्षय गोदारा एवं विधायक सीएल प्रेमी भी मौके पर पहुंचे। करीब साढ़े छह बजे घटना स्थल के पास रेलवे के भवन में वार्ता शुरू हुई, वहीं करीब सात बजे आईजी राजेन्द्र गोयल भी मौके पर पहुंचे। हादसे के चलते कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाइवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया है। जिला कलक्टर ने एक्सप्रेस वे के लबान टोल नाके को पैदल यात्रियों की आवाजाही तक बंद रखने सहमति जताई।

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स्पीकर बिरला ने घायलों से की मुलाकात, मदद के दिए निर्देश


बूंदी जिले के लबान क्षेत्र में कोटा-लालसोट मेगा हाइवे पर पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर ट्रक पलटने से हुए हादसे में घायलों से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एमबीएस अस्पताल पहुंचकर मुलाकात की और डॉक्टरों से कुशलक्षेम जानी। बिरला ने अस्पताल प्रशासन को बेहतर एवं त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने हादसे में हुई जनहानि को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए दिवंगतों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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बिरला ने संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कोटा एवं बूंदी जिला कलक्टर तथा पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करें और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही दोनों जिलों में स्थित सभी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने तथा एक ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।

एक्सप्रेस-वे का कार्य शीघ्र होगा पूर्ण

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लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का लबान से कुश्तला क्षेत्र वाला हिस्सा जल्द शुरू हो जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से श्रद्धालु चौथ माता के दर्शन हेतु पैदल यात्रा करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर विकसित किया जाए, हाइवे एवं प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रखा जाए तथा उनके सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

फोटो: पत्रिका

ऊर्जा मंत्री भी पहुंचे अस्पताल


ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने लबान में हुए सड़क हादसे में मृतक तीर्थ यात्रियों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संवेदना प्रकट की है। मंत्री नागर ने प्रशासन को मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता देने के भी निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री नागर ने बारां दौरे से सीधे एमबीएस अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम जानी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. संगीता सक्सेना तथा अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सालय प्रशासन को पुख्ता चिकित्सा प्रबंध करने के निर्देश दिए।

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Updated on:
05 Jan 2026 09:46 am
Published on:
05 Jan 2026 09:44 am
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