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‘कभी नहीं भूल पाऊंगा भयावह मंजर…’, प्रत्यक्षदर्शी ने बताया बूंदी हादसे का दिल को झकझोर देने वाला हाल

Eyewitness Of Bundi Accident: बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र में हुए भयावह हादसे में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें अमरपुरा गांव के राजाराम गुर्जर की मौके पर ही मौत हो गई।

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Bundi Accident

प्रत्यक्षदर्शी शिवा प्रजापति और मृतक राजाराम गुर्जर की फाइल फोटो: पत्रिका

Truck Overturns On Pedestrians In Bundi: लाखेरी क्षेत्र के लबान-पापड़ी मार्ग पर पुलिया से पहले बेकाबू ट्रक ने साइड चौथ माता मंदिर जाने वाले पदयात्रियों पर पलटे बेकाबू ट्रक ने पलटने से पहले सुल्तानपुर निवासी पदयात्रियों को भी टक्कर मारी थी, जिसमें दो पदयात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी सुल्तानपुर निवासी पदयात्री शिवा प्रजापति ने बताया कि वे रविवार सुबह करीब 5 बजे अपने पांच साथियों रघुवीर पुत्र किशनलाल नागर (45), मनोज मेहरा पुत्र शिशुपाल (20), सोनू सेन, सुरेश प्रजापति एवं श्यामसुंदर नायक के साथ पैदल जयकारे लगाते हुए बरवाड़ा स्थित चौथ माता के दर्शन को जा रहे थे।

इसी दौरान पापड़ी के पास रेलवे पुलिया से पहले बेकाबू ट्रक ने साइड से टक्कर मारते हुए रघुवीर और मनोज को चपेट में ले लिया और कुछ ही दूरी पर आगे जाकर अन्य पदयात्रियों के समूह पर पलट गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल रघुवीर और मनोज को तत्काल लाखेरी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से उन्हें कोटा रेफर कर दिया। दोनों के सिर व पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

प्रत्यक्षदर्शी शिवा ने बताया कि यह हादसा बेहद भयावह था। ट्रक पलटते ही देखते-देखते एक दर्जन से अधिक पदयात्री उसके नीचे दब गए। लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। शिवा प्रजापति ने कहा कि यह मंजर इतना भयावह था कि वे और उनके साथी इसे जीवन भर नहीं भूल पाएंगे।

हंसते हुए घर से निकला था राजाराम

ट्रक की चपेट में आने से क्षेत्र के अमरपुरा गांव निवासी राजाराम गुर्जर (42) पुत्र राधा किशन गुर्जर अमरपुरा की मौके पर ही मौत हो गई। समाजसेवी रामचरण गोचर ने बताया कि हादसे में अमरपुरा गांव के लोगों की जानकारी मिली तो गांव के लोग घटना स्थल के लिए दौड़ पड़े।

अमरपुरा के छह जने ट्रक की चपेट में आए थे, जिनमें राजाराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोचर ने बताया कि राजाराम बरवाड़ा चौथ माता के दर्शन के लिए हंसी खुशी घर से निकला था। दोपहर को जैसे ही मौत की सूचना मिली तो उसकी पत्नी बेसुध हो गई। राजाराम बकरियां चराकर परिवार का पालना करता था। मृतक के एक दो वर्ष का लड़का भी है। पति की मौत से परिवार की जिम्मेदारी मृतक की पत्नी पर आ गई।