
इंद्रगढ़ में मां बीजासन मंदिर में बनने वाले रोप-वे की भूमि पूजन करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (फोटो: पत्रिका)
Development Projects Of Rajasthan: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इंद्रगढ़ स्थित प्राचीन मां बीजासन मंदिर में 18 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले रोप-वे तथा 62 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित बांसी-देई-खजूरी-करवर-इंद्रगढ़ सडक़ सहित कुल 103 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया।बिरला ने कहा कि सदियों से आस्था का केंद्र रहा माँ बीजासन मंदिर हाड़ौती ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा का प्रमुख धाम है। रोप-वे बनने से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब तक कठिन चढ़ाई के कारण परेशानी होती थी।
बिरला ने कहा कि 62 करोड़ रूपए की लागत से बनी बांसी-देई-खजूरी-करवर-इंद्रगढ़ सडक़ से क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केशवरायपाटन पंचायत समिति क्षेत्र में 32.50 करोड़ रूपए की लागत से 44 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि आस्था और विश्वास की धरती है तथा क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केशवरायपाटन को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान केशवराय मंदिर परिसर में लगभग 42 करोड़ रूपए के विकास कार्य दो चरणों में चल रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने केशवरायपाटन पंचायत समिति क्षेत्र में 32.50 करोड़ रूपए की लागत से 44 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि आस्था और विश्वास की धरती है तथा क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केशवरायपाटन को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान केशवराय मंदिर परिसर में लगभग 42 करोड़ रूपए के विकास कार्य दो चरणों में चल रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी। देश में काशी, महाकाल, सोमनाथ और बांके बिहारी जैसे प्रमुख धामों का पुनर्विकास हुआ है और हाड़ौती भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल और सिंचाई की योजनाएं विकास की आधार हैं। ईआरसीपी सहित कई परियोजनाओं के माध्यम से जल आपूर्ति मजबूत की जा रही है। वर्षों से पेयजल समस्या झेल रहे गांवों तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का काम जारी है। आने वाले वर्षों में सड़क, बिजली, हर खेत को पानी, अच्छे विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
बिरला ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जरूरतमंदों की पहचान कर उनकी सहायता सुनिश्चित करें, चाहे इलाज की व्यवस्था हो या दिव्यांगजनों के लिए उपकरण। सेवा और संवेदना से ही विश्वास बनता है। समारोह में कुल 17.24 करोड़ रूपए की लागत से 8 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इनमें इन्द्राणी बांध की नहरों का 7.43 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार, छरकवाड़ा–खलून्दा (3.30 करोड़), बोरदा काछियान-बाझडली धरावन (2.75 करोड़), माधोराजपुरा-जाखरून (1.65 करोड़) और जगन्नाथपुरा एप्रोच सड़क (1.65 करोड़) शामिल हैं। साथ ही बालोद विद्यालय में खेल मैदान और कक्षा-कक्ष तथा पटोलिया विद्यालय में कक्षा-कक्ष निर्माण शामिल है। वहीं 15.26 करोड़ रूपए की लागत से 36 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें बलकासा, जलोदा और चरडाना में तालाब जीर्णोद्धार, ईसरदा-चौतरा का खेड़ा मिसिंग लिंक, बलकासा–बोरदामाल सड़क, पादडा-चडी सड़क, कापरेन-हीरापुर सीसी सड़क, बाझडली-चरडाना सड़क सहित कई सड़क, पुलिया, विद्यालय, खेल मैदान, मुक्तिधाम और सामुदायिक भवन से जुड़े कार्य शामिल हैं। जलोदा, झालीजी का बराना,पीपल्दा जागीर,हरिजी, निमोदा, बीरज, आजंदा, गुडली, डोलर, कोडक्या, जयस्थल, हिंगोनिया, लेसरदा, सूनगर, अरनेठा, हस्तिनापुर, भिण्डी, झाडोल, पटोलिया, केशवनगर और भैंसखेडा सहित कई गांवों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत की गई।
Updated on:
24 Feb 2026 10:31 am
Published on:
24 Feb 2026 08:59 am
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