
बूंदी जिला कांग्रेस कार्यालय में बुधवार शाम को आयोजित बैठक के दौरान हुए विवाद ने गुरुवार को राजनीतिक तूल पकड़ लिया। राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ममता शर्मा ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा के पुत्र PCC सदस्य सत्येश शर्मा पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस के स्थानीय संगठन में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। वहीं दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है।
ममता शर्मा ने वीडियो में कहा कि बैठक के दौरान जब वह कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं तभी सत्येश शर्मा ने बीच में टिप्पणियां करनी शुरू कर दी और उनके सामने आकर दुर्व्यवहार किया। ममता कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। महिलाओं का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का संस्कार होना चाहिएलेकिन इस मामले में ऐसा नहीं दिखा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पढ़े-लिखे युवा भी इस प्रकार का व्यवहार करें।
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ममता शर्मा ने बताया कि बैठक में जिले के प्रभारी विजेंद्र सिंह सिद्धू, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महावीर मीणा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगठन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देगा।
पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा ने ममता शर्मा के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया। ममता शर्मा कांग्रेस संगठन और जिले के तीनों विधायकों की निष्क्रियता पर सवाल उठा रही थीं तथा सोनिया गांधी के त्याग का उदाहरण दे रही थीं। इसी दौरान उन्होंने केवल उन्हें टोका था।
सत्येश ने कहा कि यदि कोई सोनिया गांधी के सिद्धांतों की बात करता है तो पहले स्वयं भी उन सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाना और वर्षों बाद वापस आकर संगठन पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बैठक में किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं हुआ और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।