बूंदी

ड्राइंग ऐसी कि पांच माह में भी नहीं बन पाई…जानिए कैसे

गरडदा बांध का निर्माण कार्य अभी तक अटका, दिल्ली से क्षतिग्रस्त हिस्से की ड्राइंग बनकर तैयार नहीं होने से मामला अधर में है

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Feb 01, 2018
Drawing like this did not even happen in five months know how
nahar

नमाना. गरड़दा बांध का निर्माण कार्य शुरू हुए पांच माह से भी अधिक का समय हो गया है, लेकिन बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कार्य कैसे होगा यह अभी भी तय नहीं हो पाया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को अभी भी सीडब्ल्यूसी से ड्राइंग का इंतजार है।

टूटे हुए हिस्से के निर्माण कार्य की ड्राइंग सीडब्ल्यूसी दिल्ली की टीम द्वारा तैयार की जानी है। क्षतिग्रस्त हिस्से के दोनों किनारों से मिट्टी हटाने का काम शुरू हो गया है। सीडब्ल्यूसी टीम क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण करेगी, उसके बाद ही ड्राइंग जारी होगी। हालांकि अभी तक बांध का दस प्रतिशत काम हो चुका है।

लग सकते हैं लोहे के गेट
सूत्रों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से पर तीन प्रकार से निर्माण कार्य करने पर विचार चल रहा है। जिसमें सबसे पहले तो मिट्टी से, दूसरा पक्का और तीसरा लोहे के गेट लगाकर निर्माण कार्य करने पर मंथन कर रहे हैं। इसी वजह से ही सीडब्ल्यूसी टीम अभी तक टूटे हुए हिस्से की ड्राइंग कार्य को अंतिम रूप नहीं दे पा रही हैं।

जानकारों का कहना है कि जिस समय बांध का टेंडर हुआ उसमें पक्का निर्माण व गेट लगाने का प्रावधान नहीं था। यदि इस तरह की ड्राइंग विभाग की तरफ से जारी की जाती है तो इसमें बजट की आवश्यकता भी होगी।

पुलियाओं का होगा निर्माण
गुढ़ा बांध की नहरों में परियोजना के तहत एक साइड से दूसरी साइड पर निकलने के लिए पुलियाओं का निर्माण भी कराया जाएगा। इससे किसानों को अपने खेतों में पहुंचने में आसानी रहेगी। बांयी मुख्य नहर में 4 पुलियाएं और दांयी मुख्य नहर में 9 पुलियाएं और 8 पुलियाएं माइनरों पर बनेगी। ओलासपुरा केनाल में 10 पुलियाएं तथा 7 पुलियाएं माइनरों में बनेगी।
जिस जगह से बांध टूटा है वहां की ड्राइंग आना अभी बाकी है। क्षतिग्रस्त हिस्से से मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया है। एक माह में ड्राइंग मिलने की आशा है।
हेमंत शर्मा, अधीक्षण अभियंता, गरड़दा मध्यम सिंचाई परियोजना

Published on:
01 Feb 2018 03:44 pm