सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति इर्ज करने को लेकर सरकार भले ही गंभीर हों,
बूंदी. सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति इर्ज करने को लेकर सरकार भले ही गंभीर हों, लेकिन इस मामले में कर्मचारी पूरी अनदेखी बरत रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। हाल यह है कि कई सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था बंद कर दी गई है। कुछ कार्यालयों में मशीनों को हटा दिया गया और कुछ जगहों सिर्फ दीवारों की शोभा बढ़ा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन से हाजरी देना ही नहीं चाहते। ऐसे में उक्त व्यवस्था पूरी तरह से ठप होग गई। सरकार के आदेश की पालना करवाने में प्रशासन भी नाकाम साबित हो रहा है।
अस्पताल में ठीक नहीं हुई मशीन
जिला अस्पताल में करीब छह माह पूर्व चिकित्सकों व कर्मचारियों की हाजिरी के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई थी। कुछ दिन तो मशीन पर सभी ने हाजिरी दर्ज करवाई। बाद में मशीन खराब होने की बात सामने आई, इसके बाद मशीन अभी तक ठीक नहीं कराई। चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मी, फार्मासिस्टों की हाजिरी दर्ज करने वाली बायोमेट्रीक मशीन खराब है। इसके चलते लंबे समय से कर्मचारी रजिस्टर में ही हाजरी दर्ज करवा रहे हैं। वहीं ब्लड बैंक की बायोमेट्रिक मशीन भी सोमवार को खराब हो गई।
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कलक्टे्रट में अनदेखी
जिला कलक्टे्रट परिसर स्थित जिला परिषद सहित अन्य कई कार्यालय संचालित है। यहां पर भी बिना बायोमेट्रिक मशीन के ही कर्मचारी हाजिरी कर रहे हैं। कलक्टे्रट कर्मचारियों के लिए करीब दो से तीन वर्ष पूर्व बायोमेट्रिक मशीन लगाई थी, लेकिन कर्मचारियों को उक्त व्यवस्था रास नहीं आई। कर्मचारियों ने उस पर हाजिरी नहीं की। लंबे समय से कलक्टे्रट के दफ्तरों में भी रजिस्टर में ही कर्मचारी हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। यहां पर भी कर्मचारियों को बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था रास नहीं आ रही है।
...तो समय की नहीं रहती पाबंदी
रजिस्टर में हाजिरी होने से समय की पाबंदी नहीं रहती। कर्मचारी कब आते हैं और कब चलते जाते हैं, इसका पता नहीं लगता। देर से आना और जल्दी जाने वाली परंपरा पर निगरानी नहीं रह पाती। यही कारण कि सरकार सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक हाजरी शुरू करने पर जोर दे रही है।
जिला अस्पताल, बूंदी के पीएमओ डॉ.नवनीत विजय ने बताया कि सारी मशीनें खराब है, यह ठीक नहीं हो पा रही है। ऐसे में फेस रीडिंग मशीन खरीदनी है, जिसके टैंडर कर रखे हैं। सरकार से मशीन खरीदने के निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही आदेश मिलेंगे मशीनें खरीद लेंगे।