बूंदी

यहाँ पानी की हर बूंद के लिए होता है संघर्ष

क्या बूढ़े, क्या बच्चे हर कोई पानी की जुगत को बहाते है पसीना
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Updated: 21 Apr 2018, 4:43 PM IST
Ground water crisis in Bundi district

बूंदी/बांसी. बूंदी जिले में गर्मी की शुरुवात के साथ ही जल संकट गहराने लगा था की अप्रेल के खत्म होने के साथ ही पानी की समस्या ने अब विकराल रूप ले लिया। ग्रामीण क्षेत्रो में आलम यह है की लोगो को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है

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भजनेरी पंचायत के चीतों की झोपडिय़ों में दिनों दिन गिरते जल स्तर के चलते हैंडपम्प व नलकूपों के बंद हो जाने से लोगों को गम्भीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण घनश्याम व भैरूलाल मीणा ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए 8 हैंडपम्प व 2 नलकूप लगे हुए हैं। गर्मी की शुरुआत के साथ ही सभी पेयजल स्रोतों में पानी रीत जाने के बाद टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की गई थी, लेकिन गांव की आबादी 1200 के करीब होने से दो टैंकरों से की जा रही जलापूर्ति पर्याप्त नहीं है।

ऐसे में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करते हुए गांव से एक किमी दूर स्थित श्मशान घाट पर लगे हैंडपम्प से पानी लाना पड़ रहा है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में लगा हैंडपम्प भी पिछले कई दिनों से बन्द पड़ा होने से विद्यालय के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम पंचायत सरपंच प्रसन्न बाई ने बताया कि गिरते जल स्तर के चलते पानी की समस्या आ रही है। लोगों को पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए दो टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की गई है।


देईखेडा कस्बे में हैंडपम्पों के खराब होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उप सरपंच राजेश मीणा ने बताया कि कस्बे वार्ड एक और लक्ष्मीनाथजी मोहल्ले समेत करीब तीन हैंडपम्प एक सप्ताह से खराब होकर पड़े हैं। इसके चलते मोहल्लेवासियों को अन्य जगहों से जाकर पीने के पानी का जुगाड़ करना पड़ रहा है।

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